मैनपुरी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एसआईआर की प्रक्रिया पर लगातार हमलावर होते आ रहे हैं। वहीं मंगलवार की देर रात को अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर मैनपुरी की वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने जन आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं, चुनाव आयोग को इस मामले पर संज्ञान लेने की बात भी कहीं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि इससे पहले मतदाता का रोष आक्रोश बनकर आंदोलन का रूप ले ले, चुनाव आयोग मैनपुरी में एसआईआर से कटे वोटों का संज्ञान ले और मतदाता सूची को अपडेट कराए। अखिलेश यादव की ओर से की गई है पोस्ट लोगों में चर्चा का विषय बनी रही। मंगलवार को जो अनंतिम सूची प्रकाशित हुई उसमें दो लाख से अधिक मतदाता हटाए गए हैं जो की कुल मतदाताओं का 16 प्रतिशत से अधिक है। वहीं प्रशासन का कहना है कि सूची से हटाए गए मतदाता वह हैं जो या तो मैनपुरी से बाहर चले गए हैं, मृतक है या फिर उनकी मैपिंग नहीं हो पाई है।
अखिलेश यादव के पोस्ट के बाद जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि मैनपुरी में एसआईआर का काम पूरी ईमानदारी से किया गया है। अभी ड्राफ्ट प्रकाशित हुआ है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची और 2025 की मतदाता सूची से जिन लोगों की मैपिंग नहीं हो पाई है या फिर जो मृतक है या कहीं दूसरे बूथ और दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं, उन लोगों के नाम सूची से काटे गए हैं। अब जिन लोगों की मैपिंग नहीं हुई है उन लोगों को नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। बीएलओ के साथ राजनीतिक दलों के बीएलए भी नियुक्त कराए गए थे। समय-समय पर दलों को प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी। बूथ पर जो मतदाता नहीं मिले थे या उनके डबल नाम थे उनकी लिस्ट भी उन्हें उपलब्ध कराई गई थी। एसआईआर की प्रक्रिया पूर्ण निष्पक्ष हुई है।