मैनपुरी। दिल्ली में छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद गांव में चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों के जेहन में गुस्सा है लेकिन कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। गांव में आने वाले बाहरी लोगों से ग्रामीण परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की बेटी के साथ जो घटना घटी है, उससे पहले ही परिजन और गांव के अन्य लोग विचलित हैं। अब कुछ लोग यहां आकर इस घाव को हरा कर रहे हैं।
मंगलवार को दुष्कर्म पीड़िता के गांव में लोग रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे। किसान धान की फसल की देखभाल करने में जुटे थे। वहीं गांव की गलियों में कुछ लोग दिखाई दिए, जो आपस में इस घटना की चर्चा कर रहे थे। उनका कहना था कि इस दर्दनाक घटना ने बिटिया की जिंदगी खराब कर दी। उसका भविष्य बर्बाद हो गया उसके परिवार और इस गांव पर एक ऐसा कलंक लग गया जो अब शायद जिंदगी भर नहीं मिटेगा। ग्रामीणों की बात में गुस्सा साफ झलक रहा था। उनका कहना था कि जब से यह घटना सामने आई है। उसके बाद से गांव में राजनीतिक व अन्य लोगों की भीड़ जुटने लगी है। इस समय में जहां बिटिया को और उसके परिवार को सांत्वना की जरूरत है, वहां गांव में आने वाले लोग घाव को हरा कर रहे हैं।
बिटिया की पढ़ाई और उसके स्कूल पहुंचने पर ताला लगा हुआ है। वहीं पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि बिटिया पढ़ने में काफी होशियार थी। कई दिन से स्कूल नहीं आ रही थी, तो परिजन से संपर्क किया गया। बताया कि बिटिया की तबीयत खराब है। इसलिए स्कूल नहीं आ रही। बिटिया ने अपने भविष्य के सुनहरे सपने सजा रखे थे लेकिन उन सपनों पर दुष्कर्म का ग्रहण लग गया। गांव के ही एक व्यक्ति ने बताया कि बिटिया के पिता से सोमवार सुबह बात हुई थी। वह इस घटना से काफी परेशान थे। बताया कि लोग बार-बार घर आकर उनसे घटना के संबंध में पूछताछ कर रहे हैं। वह नोएडा जा रहे हैं। यह कहकर शहर से निकल गए।
पुलिस भी बनाए हुए है नजर
घटना के बाद गांव में किसी तरह से कानून-व्यवस्था खराब ना हो इसके लिए पुलिस भी लगातार नजर बनाए हुए है। क्षेत्रीय पुलिस गांव में घूम कर माहौल देख रही है। बाइक पर दो पुलिसकर्मी गांव में घूमते हुए नजर आए।