मैनपुरी। दैवी संपद मंडल शताब्दी महोत्सव में श्रद्धा, आस्था और धर्म की बह रही त्रिवेणी में श्रद्धालु स्नान कर अपने का धन्य महसूस कर रहे हैं। सुबह तड़के महारुद्राभिषेक में भगवान शिव को प्रसन्न करने के बाद यज्ञशाला में शतमुख कोटि हरिहरात्मक महायज्ञ में आहुतियां देकर परिवार और राष्ट्र की उन्नति की कामना की। यज्ञशाला की परिक्रमा कर मनौतियां मांगने के बाद कथा पांडाल में श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान किया। इसके पश्चात संत सम्मेलन में देश के प्रकांड विद्वान और संतों के प्रवचन सुनकर जीवन सार्थक किया। शाम को कला मर्मज्ञ कवि बाबा सत्यनारायण मौर्य और मथुरा से आईं हेमलता ने विचारोत्तेजक शैली में काव्य और गद्य का सहारा लेकर लोगों को संदेश दिया कि सच्चा देश भक्त ही धार्मिक हो सकता है।
बुधवार को सुबह साढ़े चार बजे से ही श्री एकरसानंद नगर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ना शुरू हो गया। सुबह पांच बजे से साढ़े सात बजे तक गुरुदेव कुटीर में मंडल के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी शारदानंद सरस्वती के सानिध्य में भगवान शिव की प्रसन्नता व विघ्नों के निवारण के लिए महारुद्राभिषेक पूजा की गई। जिसमें स्वामी हरिहरानंद सरस्वती सर्वानंद, शर्वेश्वरानंद बैनी बाबू, सांबरिया शर्मा, सुभेश शर्मन, राम किशन गोयल, दिनेश पांडेय, कृष्णा शर्मा, हरिओम मिश्रा, शारदा देवी, स्वतंत्रता मिश्रा, ज्ञानवती मिश्रा, डाक्टर एसएस मिश्रा, ब्रजेश शास्त्री, गिरधारीलाल अग्रवाल आदि शामिल रहे। यज्ञशाला में जन मंगल और राष्ट्र की समृद्धि के लिये शतमुख कोटि हरिहरात्मक यज्ञ के तहत यज्ञाचार्य पंडित शशिधर झा, उपद्रष्ठा रवींद्र नाथ पंत, उपाचार्य शुभेश शर्मन, रमाकांत मिश्र, मायापति श्रीराम तिवारी के निर्देशन में मुख्य यजमान ब्रजेश अग्रवाल के साथ सौ से अधिक यजमानों ने सपत्नीक वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुतियां दीं। कुछ यजमानों ने विशेष विधि से बने कुंडों पर श्री समृद्धि पुत्र कामना और कष्ट निवारण के लिए विशेष सामग्री से हवन किया। यज्ञ के समापन पर शारदानंद सरस्वती ने यजमानों को प्रसाद और आशीर्वाद दिया।
अहंकार दूर करने को इंद्र पूजा का किया विरोध
कथा पंडाल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य सच्चिदानंद शास्त्री ने श्रीकृष्ण की मनोहारी बाललीलाओं के साथ इंद्र के कोप और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन धारण की लीला का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने खेल-खेल में यह संकेत दे दिया था कि उनका अवतार हुआ है। इंद्र को अपनी पद प्रतिष्ठा का अहंकार था उस अहंकार को दूर करने के लिये कृष्ण ने इंद्र की पूजा का विरोध किया। जिस पर इंद्र ने कुपित होकर भारी वर्षा की। ब्रज में हाहाकार मचते देख कृष्ण ने ब्रजवासियों को गोवर्धन पर बुलाकर उसे अपनी उंगली पर धारण कर लिया। गोवर्धन लीला के वर्णन के मौके पर मंच पर छप्पन भोग लगाए गए। श्रीकृष्ण की मुरलिया लिए बाल रूप की झांकी ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। कथा यजमान उदयवीर सिंह राठौर, स्वामी सर्वेश्वरानंद, चेयरमेन साधना गुप्ता ने बाल कृष्ण स्वरूप का पूजन किया।
भागवत कथा में आज रुक्मिणी विवाह
श्रीएकरसानंद नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में गुरुवार को रुक्मिणी विवाह की कथा होगी। यजमान उदवीर सिंह राठौर ने श्रद्धालुओं से विवाह के मौके पर विवाह संबंधी सामान लाने की अपील की है।
एडीएम और एएसपी ने देखी सुरक्षा व्यवस्था
एडीएम डाक्टर चंद्रभूषण और एएसपी स्वामीनाथ ने एकरसानंद नगर पहुंचकर आवश्यक साफ-सफाई एवं सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने एकरसानंद नगर का भ्रमण कर विशेष रूप से महिलाओं और आग से सुरक्षा के लिहाज से की गईं व्यवस्थाओं को देखा। बाद में उन्होंने स्वामी शारदानंद सरस्वती और स्वामी हरिहरानंद सरस्वती से भेंट कर उनसे आवश्यक विचार विमर्श किया।
युवा हिंदू वाहिनी कल करेगी दीप प्रज्वलन
हिंदू युवा वाहिनी श्री एकरसानंद नगर की यज्ञशाला में पांच दिसंबर को शाम छह बजे दीप प्रज्वलन का विशाल कार्यक्रम आयोजित करेगी। दीप प्रज्वलन में भाग लेने के इच्छुक श्रद्धालु वाहिनी के चरण पादुका शिविर प्रभारी दिनेश चौहान और वरिष्ठ मंत्री राहुल कुमार से संपर्क कर सकते हैं।