मैनपुरी। जनपद में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भले ही संक्रामक रोगों का प्रकोप मानने को तैयार न हों लेकिन जिला अस्पताल और झोलाछाप के यहां रोगियों की भीड़ सच्चाई बया कर रही है। बुधवार को जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में लगभग 23 घंटों में गैस्ट्रोएंट्राइटिस से पीड़ित होने पर 12 रोगी भर्ती कराए गए। वहीं, अन्य रोगों से पीड़ित होने पर 156 रोगियों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष के आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो मंगलवार की सायं पांच बजे से बुधवार को सायं: चार बजे तक गैस्ट्रोएंट्राइटिस से पीड़ित 12 रोगी भर्ती कराए गए हैं। उपचार के दौरान अधिकांश की हालत में सुधार है। घिरोर क्षेत्र के ग्राम नगला केहरी निवासी एक ही परिवार के तीन रोगी भर्ती कराए गए। इनमें लोकेंद्र (15) उसकी बहन कुसुमा देवी (12) तथा उसकी मां उर्मिला देवी (50) हैं। नगर के मोहल्ला चौथियाना निवासी मुकेश का पुत्र मुकुल (5), खरगजीत नगर निवासी वीना (45), ऑफिसर कालोनी निवासी रघुनाथ (54), भोगांव क्षेत्र के ग्राम रामनगर निवासी सुशीला देवी (40), कोतवाली के गढ़ेरी निवासी धर्मेंद्र कुमार (23), औंछा के जींगना निवासी जबर सिंह (50), एलाऊ के हविलिया निवासी सरिता (28), कोतवाली के संसारपुर निवासी सुषमा (35), बिछवां के अंजनी निवासी नीरज (20) को भर्ती कराया गया है। वहीं, अन्य रोगों से पीड़ित होने पर 156 रोगियों को प्राथमिक उपचार दिया गया है।
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गैस्ट्रोएंट्राइटिस जल जनित संक्रामक रोग है। इस रोग में रोगी को उल्टी और बार-बार दस्त होने लगते हैं। समय रहते यदि कुशल चिकित्सक से उपचार न कराया जाए तो रोगी की डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से मौत भी हो सकती है।
- डा. जेजे राम, फिजीशियन एवं आपातकालीन चिकित्साधिकारी जिला अस्पताल
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फैलने का कारण
- अशुद्ध पानी का प्रयोग करने पर
- दूषित फल एवं खाद्य पदार्थ खाने से
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बचाव
- पानी सरकारी हैंडपंप या उबाल कर प्रयोग करें
- वासी, दूषित खाद्य पदार्थों, फलों का प्रयोग न करें
- बीमार होने पर कुशल चिकित्सक से उपचार कराएं