मैनपुरी। जिला अस्पताल परिसर में पिछले सात साल से धूल फांक रही कैंसर यूनिट को दीमक ने बीमार कर दिया है। प्रमुख सचिव ने दिसंबर माह में कैंसर यूनिट शुरू कराने के निर्देश दिए थे। प्रमुख सचिव के निर्देश पर कार्यदायी संस्था सीमेंस और सैफई मिनी पीजीआई की टीम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान काफी सामान में दीमक लगी मिली थी। टीम के जाने के बाद कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
दिसंबर माह में प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल ने जिला अस्पताल परिसर स्थित कैंसर यूनिट शुरू कराने के निर्देश दिए थे। बैठक में सैफई मेडिकल कॉलेज, कार्यदायी संस्था सीमेंस के प्रतिनिधियों तथा जिला अस्पताल के सीएमएस भी शामिल थे। बैठक में निर्देश दिए गए कि यूनिट में स्थापित लाइनिया ऐसीलेटर, आस थ्रीडी तथा जिला अस्पताल में सीटी स्कैन को संचालित करने के लिए आवश्यक मशीन डोजी मीटर और कवालिटी एस्योरेंस इक्विपमेंट के शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाए।
प्रमुख सचिव ने लगभग 80 लाख रुपये की लागत की यह दोनों मशीनें हर हाल में मार्च के पहले सप्ताह तक यूनिट में स्थापित कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक इस कार्य में कोई अपेक्षित प्रगति नजर नहीं आ रही है। दिसंबर माह में टीम ने जांच में पाया था कि दीमक ने एक्सरे स्केन करने के लिए लगभग चार लाख रुपये की कीमत के डिजाइस्टर मशीन के डिब्बे को कुतरने के साथ ही अंदर भी खराब कर दिया। यह मशीन नई मंगानी होगी।
इसके साथ ही 80 लाख रुपये का वेब गार्ड भी खराब होने की आशंका जताई थी। बताया गया था कि नया वेब गार्ड जर्मनी से मंगाया जाएगा। यूनिट में इलेक्ट्रिसिटी की टीम आकर व्यवस्था करेगी। उसके बाद मशीनें चेक की जाएंगी। अन्य उपकरण भी खराब हो सकते हैं। टीम के बाद न तो इलेक्ट्रिसिटी टीम ही आई और न ही विशेषज्ञों की टीम
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वर्ष 2006 में शुरू हुआ था यूनिट का निर्माण
सपा सरकार ने वर्ष 2006 में जिला अस्पताल परिसर में कैंसर यूनिट की स्थापना के लिए लगभग दस करोड़ रुपये स्वीकृत किए। कार्यदायी संस्था सीमेंस ने जनवरी 2006 से यूनिट का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। संस्था ने जून 2006 तक यूनिट शुरू कराने की बात कही थी। लेकिन यह काम दो साल बाद वर्ष 2008 में पूर्ण हो सका था।
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यूनिट बनने के बाद ही हो गया कनेक्शन
जिला चिकित्सालय परिसर में कैंसर यूनिट स्थापित होने के बाद से ही यूनिट शुरू कराने के लिए अलग से विद्युत फीडर बनाया गया। इससे 24 घंटे आपूर्ति के लिए व्यवस्था की गई। यूनिट भले ही शुरू नहीं हुई लेकिन प्रति माह लगभग 37 हजार रुपये बिल दिया जा रहा है।
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शीघ्र शुरू होगी यूनिट
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. आरपी शुक्ला का कहना है कि अब कैंसर रोगियों को अधिक दिनों तक इलाज के लिए भटकना नहीं होगा। प्रमुख सचिव के निर्देशों के अनुपालन में सैफई और सीमेंस के विशेषज्ञ यूनिट का निरीक्षण कर गए हैं। दीमक से काफी नुकसान हुआ है। यूनिट शुरू कराने की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही दल पुन: आकर निरीक्षण करेगा।