जिले में इस बार विशेष रूप से पौधरोपण किया जाएगा। प्रमुख मार्गों के साथ ही ग्राम सभाओें में भी हरियाली दिखेगी। इस बार जुलाई में मात्र एक ही दिन में जिले में 146 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 94695 पौधे रोपित किए जाएंगे। रोपण करने के बाद विभागोें को इनकी देखभाल करनी होगी।
पर्यावरण प्रदूषण पर अंकुश लगाने और हरियाली के लिए जिले में इस बार विशेष रूप से पौधरोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते इस बार जुलाई में एक ही दिन में विशेष रूप से विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें जुलाई माह में विभागों को लक्ष्य के शतप्रतिशत पौधे रोपित करने होंगे। पौधे रोपित करने से ही विभागों की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी, इनकी देखभाल भी करनी होगी।
इन विभागों को मिला इतना लक्ष्य
इस बार पौधरोपण के लिए प्रमुख विभागों का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इसमें सबसे अधिक लक्ष्य ग्राम्य विकास विभाग को दिया है। जिसमें विभाग को 94 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 60863 पौधे रोपित लगाने होंगे। औद्योगिक विभाग को एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 500 पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य है। इसके अलावा उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण को पांच हेक्टेयर में 3333, नगर विकास विभाग को पांच हेक्टेयर में 3333 पौधे, लोकनिर्माण विभाग को पांच हेक्टेयर में 3333, सिंचाई विभाग को 21 हेक्टेयर में 1333, रेशम विभाग को पांच हेक्टेयर में 3333, माध्यमिक शिक्षा विभाग को छह हेक्टेयर में 4000, बेसिक शिक्षा विभाग को चार हेक्टेयर क्षेत्रफल में 2667 पौधे रोपित करने होंगे। इसके अलावा अन्य विभागों को लक्ष्य दिया गया है।
इन प्रजातियों के पौधे किए जाएंगे रोपित
जिले में शीशम, नीम, कंज, चितवन, बबूल, देशी बबूल, कंचनार, अमलताश, अर्जुन, शीशम, जामुन, पीपल और इमली के पौधे रोपित किए जाएंगे।
सभी विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य दे दिया गया है। इसके चलते विभाग तैयारी कराते रहें। साथ ही प्रति सप्ताह तैयारी की रिपोर्ट सौंपे। वन विभाग भी पौधरोपण की तैयारी करने में जुटा है।
- सूर्यमणि लालचंद्र, एडीएम