जिले में समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा में रविवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। नोडल अधिकारी व एडीएम एके श्रीवास्तव के अनुसार रविवार को 228 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी। इस प्रकार कुल 5546 अभ्यर्थी ही परीक्षा में बैठे। परीक्षा के लिए दिनभर अधिकारी मुस्तैद दिखाई दिए।
उल्लेखनीय है कि रविवार को समीक्षाधिकारी और सहायक समीक्षाधिकारी की परीक्षा के लिए जिले में 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन पर 5774 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। इसके सापेक्ष 5546 अभ्यर्थी ही परीक्षा में बैठे। परीक्षा दो पालियों में हुई। पहली पाली में पंजीकृत 2897 परीक्षार्थियों में से 2766 ने परीक्षा दी और 131 अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में पंजीकृत 2877 परीक्षार्थियों में से 2780 ने परीक्षा दी और 97 अनुपस्थित रहे।
परीक्षा सकुशल संपन्न हो इसके लिए जिलाधिकारी चंद्रपाल सिंह, एडीएम और तीनों तहसीलों के एसडीएम दिन भर मुस्तैद रहे। इसके लिए तीन सेक्टर मजिस्ट्रेट और 12 स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाए गए थे। हर केंद्र पर एक उप निरीक्षक और पुलिस आरक्षियों की तैनाती की गई थी।
रात भर भटकते रहे अभ्यर्थी
समीक्षाधिकारी की परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शनिवार रात में ही आ गए। यहां पर होटल और गेस्ट हाउस पर्याप्त संख्या में न होने के कारण बाहर से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ बस स्टैंड पर ही रात गुजारने को मजबूर हुए तो कई ने रेलवे स्टेशन पर पनाह ली।
समीक्षाधिकारी की परीक्षा का पेपर काफी कठिन था। इसके चलते सही नहीं हुआ है। पेपर में गणित के प्रश्न काफी कठिन थे। साथ ही सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी ज्यादा ईजी नहीं थे। इसके चलते उनका ठीक नहीं हुआ है।
सविता कुमारी
परिणाम आने के बाद ही चैन मिलेगा। कोचिंग करने के बाद उम्मीद थी कि वह पास हो जाएंगी, लेकिन पेपर कठिन था। अब परिणाम आने तक डर तो लगा रहेगा। पेपर में सामान्य ज्ञान के प्रश्न सरल थे।
अर्चना
पेपर काफी कठिन था। गणित के प्रश्नों को हल करने में काफी समय निकल गया। पेपर हाथ में आते ही लगने लगा था कि पेपर अच्छा नहीं होगा।
योगेंद्र कुमार
लेखपाल परीक्षा के पेपर में हिंदी के प्रश्न काफी कठिन थे। फिर भी पेपर अच्छा हुआ है। पहली बार किसी कंप्टीशन पेपर देने के के चलते डर लग रहा है।
गौरव कुमार