स्वच्छ भारत मिशन में लापरवाही बरतना और शौचालय निर्माण का कार्य समय से पूरा न करना पंचायत सचिवों को भारी पड़ गया। जिला पंचायत राज अधिकारी ने 24 पंचायत सचिवों का जहां वेतन रोक दिया है, वहीं 50 ग्राम पंचायतों के खातों से धनराशि के आहरण पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा सभी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को अंतिम चेतावनी भी जारी की गई है।
जिला पंचायत राज अधिकारी नरेश चंद्र ने बताया कि कई बार नोटिस देने और साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में निर्देश दिए जाने के बावजूद 50 ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों ने शौचालय निर्माण की सूची की फीडिंग वेबसाइट पर नहीं कराई है। न ही फोटो अपलोड कराए हैं। जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं होगा तब तक 50 ग्राम पंचायतों के खातों से कोई धनराशि आहरित नहीं हो सकेगी। इस संबंध बैंक मैनेजर को भी पत्र जारी कर दिए गए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि सहायक विकास अधिकारी पंचायत रामसनेही लाल, रामराज भदौरिया, राजेश दुबे, ओमप्रकाश तिवारी, प्रेमचंद्र बाथम, सुभाष पाठक, आनंद नरायन त्रिपाठी को चेतावनी जारी की गई है। इनके वेतन पर पहले से ही रोक लगाई गई है।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि अब उनके द्वारा और अधिकारियों व डीपीसी के निरीक्षण में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर कराई जाएगी।
इनका रोका गया वेतन
विकास खंड मैनपुरी के पंचायत सचिव करन सिंह, ब्रजेश अवस्थी, कौशलेंद्र सिंह , कुरावली विकास खंड के पंचायत सचिव मनोज प्रभाकर, केके मिश्रा, राजीव दुबे, विकास खंड बेबर के राजीव कुमार, सुनील मिश्रा, रामौतार, जयप्रकाश, अनिल कुमार और सुभाष चंद्र यादव, करहल विकास खंड प्रदीप कुमार, अनुराग यादव, सोनवीर, प्रमोद कुमार और प्रेमचंद्र बाथम, विकास खंड जागीर के अनुज मिश्रा, महाराज सिंह, विनय कुमार, सुभाष और जितेंद्र सहित अन्य के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई गई है। इसके अतिरिक्त विकास खंड कुरावली में तैनाती के दौरान राजीव दुबे ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा लोहिया ग्राम में की गई अनियमितताओं के कारण उन्हें अंतिम नोटिस जारी किया गया है।