फोटो 9 महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में शोपीस बना फायर सिस्टम। संवाद
- फोटो : गोंदलामऊ के उत्तर धौना गांव में तैयार पानी की टंकी।
मैनपुरी। महाराजा तेज सिंह जिला पुरुष और महिला अस्पताल परिसर में आग से बचाव के लिए शासन के निर्देश पर तीन साल पहले फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का काम शुरू किया गया। 2.38 करोड़ की लागत से फायर सिस्टम का काम तो पूरा हो गया है, लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी यह शुरू नहीं हो सका। कार्यदायी संस्था फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने के बाद काम को छोड़ कर चली गई है। ऐसे में यदि आग की कटक जैसी घटना हुई तो यहां भर्ती मरीजों की जान कैसे बचाई जा सकेगी।
जिला अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का काम यूपीआरएनडी कार्यदायी संस्था द्वारा कराया जा रहा था। संस्था द्वारा फरवरी 2023 में कार्य भी शुरू करा दिया था। संस्था द्वारा पांच हजार लीटर क्षमता का टैंक बनाने के साथ-साथ ओपीडी, इनडोर वार्ड में पाइप लाइन बिछाने का भी काम भी पूरा कर दिया गया है। अस्पताल में छत के साथ पाइप लाइन बिछाने और पानी के प्वाइंट लगाने का कार्य तो पहले ही पूरा हो चुका है। कनेक्शन एक-दूसरे के साथ जोड़ दिया गया। हैंडओवर की बात आई तो विभाग ने तीन महीने पहले इसकी जांच कराई। जांच के दौरान कई जगह पानी लीकेज मिला। विभाग ने ठीक कराने की बात कही, तब से कार्यदायी संस्था काम करने ही नहीं आई है। ऐसे में यहां आग की घटना होने पर आग बुझाना मुश्किल होगा।
शासन स्तर से ही अस्पताल परिसर में फयर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया है। काम लगभग पूरा हो चुका है। जांच में कुछ कमियां मिली थीं इसके बाद कार्यदायी संस्था को कमियां दूर करने के लिए कहा गया था लेकिन उन्हें अभी तक दूर नहीं किया गया है। इसलिए फायर सिस्टम विभाग अपने अधीन नहीं ले रहा है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। आग की समस्याओं से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्र लगवाए गए हैं। - डॉ. धर्मेंद्र कुमार, सीएमएस