बढ़ता तापमान और सूरज की तपिश ने लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया है। शरीर में पानी की कमी होती जा रही है इससे डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। 13 घंटे में ऐसे 20 रोगी भर्ती कराए गए। प्राइवेट अस्पतालों में भी यही हाल है।
बुधवार को आपातकालीन विभाग में सबसे ज्यादा डायरिया के मरीज भर्ती कराए गए। रात 12 से दोपहर एक बजे तक 20 रोगी भर्ती हुए। इनमें बहादुरपुर निवासी सोनाली, पावर हाउस रोड निवासी निर्मला, खरपरी निवासी मधु, देवपुरा की हर्षिता, रठरो के अनिल सिंह, देवामई की रुकमणी, नगला रते के सावित्री, भांवत चौराहा की खुशबू, पुरोहिताना की प्रेमा देवी, राजा का बाग के विकास, हरिदर्शन नगर की ललिता, जगतपुर के अमित थे।
प्राइवेट क्लीनिक और अस्पतालों में भी रोगियों की भीड़ दिखी। ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप के यहां भी भीड़ रही।
डायरिया का प्रमुख कारण अनियमित खानपान है। रोगियों को उल्टी दस्त होने पर कुशल चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। चिकित्सक के पास न पहुंचने तक घर पर नमक और चीनी का घोल पिलाना चाहिए।
- आपातकालीन चिकित्साधिकारी, डा. धर्मेंद्र कुमार
गर्मी ने झुलसाया चेहरा, छीनी बाजारों की रौनक
मैनपुरी। भीषण गर्मी और धूल भरी हवाओं से लोग परेशान रहे। चटख धूप और तपिश ने चेहरे को झुलसा दिया है। दोपहर में बाजारों की भी रौनक खत्म हो गई है। अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह नौ बजे से ही सूरज की किरणें आग उगलने लगी हैं। बुधवार सुबह नौ बजे से ही शुरू हुई भीषण गर्मी देर शाम तक लोगों को परेशानी में डाले रही। दोपहर में गर्म और धूल भरी हवाओें ने लोगाें की परेशानी को और बढ़ाया। भीषण गर्मी के बीच गेहूं की फसल की कटाई और मढ़ाई में किसानों को परेशानी हो रही है।