14 चिकित्सकों के सहारे चल रहा जिला अस्पताल
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प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का दावा करती है। लेकिन जिले के अस्पतालों में चल रही डाक्टरों की कमी से यह दावा गलत साबित होता नजर आ रहा है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 हृदय रोगी पहुंच रहे हैं। पहले अधिकांश हृदय रोगी 60 वर्ष से अधिक उम्र के होते थे। जिला अस्पताल के हृदय रोग विभाग में 12 वर्ष पूर्व टीएमटी मशीन स्थापित की गई थी। टीएमटी मशीन तो आ गई लेकिन उसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। टीएमटी जांच के लिए रोगियों को बाहर जाना पड़ता है। यही नहीं पैसमेकर, आईसीयू की सुविधा भी है।
वहीं जिला अस्पताल में नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड की घोषणा की है। पूर्व में भी प्राइवेट की अपेक्षा सरकारी अस्पतालों में चौथाई कीमत में ही अल्ट्रासाउंड होते थे, लेकिन जिला अस्पताल में रोगियों को अल्ट्रासाउंड सुविधा का लाभ ही नहीं मिल रहा। चिकित्सक की तैनाती न होना इसका प्रमुख कारण है। इसके चलते रोगी मजबूरन प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड करा रहे हैं।
इन रोगों के नहीं है चिकित्सक
- हृदय रोग विशेषज्ञ
- जनरल सर्जन
- रेडियोलॉजिस्ट
- पैथोलॉजिस्ट
- कार्डियोलॉजिस्ट
- त्वचा रोग विशेषज्ञ
- नाक, कान और गला के सर्जन
अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। इसके चलते रोगियों को परेशान होना पड़ रहा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार लिखा गया है। फिर भी चिकित्सकों की की तैनाती नहीं हो रही है।
डा. केके शर्मा, सीएमओ, मैनपुरी