जिले में पैन कार्ड धारकों में से सिर्फ 10 फीसदी लोग ही आयकर रिटर्न भरते हैं। इसके चलते विशेषज्ञों को आशंका है कि जिले में अभी भी बड़ी संख्या में कालाधन मौजूद है। विभाग के सूत्रों की मानें तो ऐसे लोगों पर आयकर विभाग कभी भी बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
जिले में पिछले कुछ समय में नव धनाढ्य लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में मात्र 1.25 लाख लोग पैन कार्ड धारक हैं। इनमें से भी मात्र 15 हजार लोग ही आयकर रिटर्न भरते हैं। इसके चलते आयकर विशेषज्ञों के अनुसार जिले में अभी भीड़ बड़ी संख्या में लोगों के पास कालाधन है और उनके खिलाफ विभाग कभी भी बड़ी कार्रवाई कर सकता है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी आयकर विभाग ने जिले में सौ नव धनाड्यों की सूची बनाई थी। इनको नोटिस भी दिए गए थे। उसके बाद भी डीबीटी योजना के तहत इनमें से बमुश्किल 25-30 फीसदी लोगों ने ही अपना आयकर रिटर्न भरा है।
इस संबंध में इनकम टैक्स एडवोकेट दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि करेंसी चेंज की प्रोसेस समाप्त होने के बाद कालाधन रखने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे में यदि वह अपने अधिवक्ता के माध्यम से 15 दिसंबर तक रिटर्न दाखिल कर देते हैं तो उनको कुछ फायदा हो सकता है। उन्होंने बताया कि यदि आयकर विभाग के छापे में कालाधन पकड़ा गया तो 30 फीसदी टैक्स के साथ ही दो सौ प्रतिशन हर्जाना भी देना पड़ेगा। इसके चलते कुल काले धन का 90 फीसदी रुपया सरकार के पास चला जाएगा।