महोबा। युवक की हत्या में दोषी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) राकेश कुमार गौतम ने उम्रकैद की सजा सुनाई। 12 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
थाना महोबकंठ के टपरन गांव निवासी शीतल प्रसाद यादव ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 12 अप्रैल 2010 को उसका पुत्र नंदकिशोर मध्यप्रदेश के हरपालपुर बाजार गया था। शाम को वह गांव के ही दुलीचंद्र यादव व रघुवीर सिंह के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में रविंद्र तिवारी उर्फ रम्मू ने तीनों को रोक लिया।
आरोपी नंदकिशोर को घसीटते हुए मठिया के अंदर ले गए। जहां लाठी, कुल्हाड़ी और सब्बल से पीटकर उसकी हत्या कर दी। उसके साथ मौजूद लोगों को डरा-धमकाकर भगा दिया।
मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह राजपूत ने बताया कि दोषी रविंद्र तिवारी उर्फ रम्मू पर दोष सिद्घ पाया गया। हत्या के मामले में आजीवन कारावास व 12 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।