महोबा। कोतवाली चरखारी के रिवई गांव में 17 दिन पहले हिस्ट्रीशीटर के हमले से घायल हुए युवक की मंगलवार की शाम मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस ने हमले के मामले को गैर इरादतन हत्या में तरमीम करते हुए जांच शुरू कर दी है।
रिवई गांव निवासी हरप्रसाद का पुत्र दीपेंद्र (20) 12 अगस्त को पूजा-अर्चना के लिए मंदिर जा रहा था। तभी गांव के हिस्ट्रीशीटर उदयभान ने परिवार के दो लोगों के साथ मिलकर दीपेंद्र को रास्ते में राेक लिया था और लाठी-डंडेे व कुल्हाड़ी से हमलाकर घायल कर दिया था। घायल की मां की तहरीर पर पुलिस ने मारपीट व धमकी की रिपोर्ट दर्ज की थी। घायल को जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया था। इलाज के बाद परिजन उसे घर ले आए थे। मंगलवार के एक बार फिर हालत बिगड़ने पर परिजन उसे झांसी ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में दीपेंद्र की मौत हो गई।
घटना से परिजनों में आक्रोश दिखा। कोतवाली प्रभारी गणेश कुमार गुप्ता का कहना हे कि पूर्व में दर्ज मुकदमे में जानलेवा हमले की धारा बढ़ाई गई थी। अब युवक की मौत हो गई है। जिससे आरोपी उदयभान, राहुल व अभिषेक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में बढ़ोत्तरी करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि उदयभान हिस्ट्रीशीटर की सूची में शामिल है।