व्यापारियों की बैठक लेते आयकर अधिकारी
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अब कोई भी व्यक्ति आयकर क ी चोरी नहीं कर सकेगा। कारण, सब कुछ अब आनलाइन होता जा रहा है। बैंकों से लेन देन का हिसाब खाता धारक को अपने रिटर्न में देने के साथ एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2016 के बीच की गई खरीद को मार्केट वैल्यू के हिसाब से दर्शाना होगा। इस पर 45 प्रतिशत अघोषित संपत्ति का कर देना होगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को आयोजित इनकम टैक्स डिस्क्लोजर स्कीम-2016 के बारे में व्यापारियों को बताते हुए बांदा से आए आयकर अधिकारी आरबी कमलवंशी ने यह बात कही। उन्होंने कहा भारत सरकार ने अघोषित आयकर योग्य खरीद वाली संपत्ति या लेनदेन धनराशि। जिसे पिछले रिटर्न में घोषित नहीं किया गया है। वह हर हाल में 30 सितंबर तक घोषित कर दे। कानपुर के आयकर आयुक्त कार्यालय से आयकर अधिकारी यूूबी सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने बहुत ही अच्छी आयकर स्वघोषित स्कीम लांच की है। जिसे आईडीएस-2016 का नाम दिया है।
कोई भी व्यक्ति जिसने 2009 से 2016 के बीच आयकर से छिपाकर संपत्ति बनाई है। उसे अब स्वैच्छिक रूप से घोषित कर काले धन से सफेद बना लें। आयकर अधिकारी केके बाजपेई ने कहा कि अब आयकर की चोरी करने वाले बच नहीं सकेंगे। इस स्कीम से अब तक भारत सरकार के खाते में 33 हजार करोड़ रुपया जमा हो चुका है। जिला खनिज अधिकारी बीपी यादव ने बताया कि जिले में बिना आयकर जमा किए कोई भी रायल्टी नहीं दी जाती है। बैठक में क्रेशर यूनियन के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, महामंत्री वसीम अहमद, प्रदीप अग्रवाल, अशोक कुमार मौर्या, मनोज यादव, राजेश कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप गुप्ता आदि रहे।