महोबा। शहर के दुर्गा संस्कृत महाविद्यालय में शुक्रवार से सात दिवसीय योग शिविर एवं संस्कृत विकास कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल हरियाणा के कुलपति प्रोफेसर डॉ. श्रेयांश द्विवेदी ने कहा कि योग दुख को दूर करता है और मन को शांत करता है। योग जानने के लिए हमें संस्कृत के ग्रंथों का अध्ययन करना होगा। वेदों को उन्होंने भारतीय संस्कृति की रीढ़ बताया।
संस्कृत महाविद्यालय सभागार में आयोजित संस्कृत विकास कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्यालय के कुलपति, जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी, महाविद्यालय के प्रबंधक नवीनचंद्र शुक्ल व प्राचार्य प्रमोद कुमार पटैरिया ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने पतंजलि योग के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि योग मनुष्य को ईश्वर से जोड़ता है। नियमित योग से गंभीर बीमारियां जड़ से समाप्त हो जाती हैं।
सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने कहा कि योग हमें निरोग रहने की कला सिखाता है। प्रतिदिन योग से शरीर स्वस्थ्य रहता है और बीमारियां दूर भागती हैं। सभी को योग करना चाहिए। इस मौके पर साहित्यकार संतोष पटैरिया, योगाचार्य लखनलाल पाठक, डॉ. रामदत्त तिवारी, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. उमाशंकर त्रिपाठी, पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि सौरभ तिवारी, डॉ. ज्ञानेश अवस्थी, पं. जगप्रसाद तिवारी, पूर्व प्रधानाचार्य शिवकुमार गोस्वामी, प्रेमचंद्र स्वर्णकार, डॉ. एलसी अनुरागी, शैलेष तिवारी सहित तमाम प्रवक्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संतोष पांडेय ने किया।