जुमे की नमाज के बाद दुआ मांगते मुस्लिम भाई
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महोबा। मुकद्दस माह रमजान में शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज में भारी भीड़ जुटी। लोगों ने नए कपड़े पहन कर पाकीजगी के साथ अलविदा जुमे की नमाज अदा की। नमाज के बाद अमनो अमान और आपसी भाईचारा की दुआ मांगी गई। रमजान का आखिरी जुमा होने के कारण बड़ी संख्या में नमाजियों के पहुंचने से मस्जिदों के बाहर टेंट लगाकर नमाज पढ़ी गई।
रमजान के आखिरी जुमे की नमाज पढ़ने के लिए सुबह से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में खासी चहल पहल रही। तमाम लोगों ने अलविदाजुमे की नमाज नए लिबास पहनकर पढ़ी। छोटे छोटे बच्चे भी कुर्ता-पाजामा पहनकर मस्जिदों में जाते दिखाई दिए। मस्जिद में पहली सफ में जगह पाने के लिए लोग मुकर्रर वक्त से काफी पहले मस्जिदों में पहुंच गए।
शहर की सारी मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भर गई। बाद में मस्जिद जाने वाले लोगों को जगह न मिलने के कारण परिसर में लगे टेंट के नीचे नमाज पढ़नी पड़ी। नमाज के बाद आपसी भाईचारा और अमनो अमान की दुआ मांगी गई। साथ ही इस्लाम के रास्ते पर चलने की भी दुआ मांगी गई।
चरखारी प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे की जामा मस्जिद में हाफिज सर्फउद्दीन, बेगम वाली मस्जिद में हाफिज दिलशाद ने, भाभाजी की मस्जिद में आलिम मौलाना शकील ने, कजियाना की मस्जिद में हाफिज मोनू ने, अमरगंज की मस्जिद में मौलबी शमीम अहमद ने अलविदा जुमे की नमाज पढ़ाई। नमाज के बाद अमन चैन की दुआ मांगी गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मस्जिदों में पुलिस बल तैनात रहा।