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Mahoba News: खेतों में भरा पानी... दो लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसलें बर्बाद

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फोटो 09 एमएएचपी 11 परिचय-मौजा कुलपहाड़ ​स्थित खेत में इस तरह भरा बारिश का पानी। संवाद
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महोबा। जनपद में खरीफ फसलों पर बारिश का कहर टूटा है। तीन दिन से मौसम भले ही साफ हो लेकिन खेतों में भरा पानी अभी तक नहीं निकल सका। ऐसे में जिले में खरीफ सीजन में बोई गई दो लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की फसलें बर्बाद हो रही हैं। कई स्थानों पर फसलें सड़ने की स्थिति में आ गई हैं। ऐसे में किसान परेशान हैं और उन्हें परिवार के भरण-पोषण की चिंता सता रही है।
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जिले में खरीफ सीजन में करीब 91 हजार हेक्टेयर में मूंग और मूंगफली, 39 हजार हेक्टेयर में उड़द, 52 हजार हेक्टेयर में तिल, नौ हजार हेक्टेयर में अरहर व 16 हजार हेक्टेयर में बाजरा की बोआई हुई। खरीफ सीजन के दौरान बोई गई मूंग, मूंगफली, तिल, उड़द आदि फसलों को माह जून-जुलाई में कम बारिश से फसल सूखने का डर था। हालांकि अगस्त और सितंबर माह की शुरुआत में हुई लगातार बारिश ने तिल, मूंग, उड़द आदि फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरा होने से फसलें सड़ने लगी हैं। ऐसे में किसानों को खाद-बीज की लागत निकलना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
तहसील कुलपहाड़ में एसडीएम आदेश सिंह सागर ने लेखपालों को फसल क्षति के सर्वेक्षण के संबंध में कड़े निर्देश दिए। कहा कि सभी लेखपाल अपने क्षेत्र में मौके पर जाकर फसल क्षति का सर्वेक्षण वास्तविक आधार पर कर किसानों को नियमानुसार सहायता का लाभ उपलब्ध कराया जाए। एसडीएम ने बताया कि फसल की क्षति का सही आकलन कर पात्र किसानों को शासन की ओर से निर्धारित मानक के अनुसार सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खन्ना संवाद के अनुसार पिछले दिनों हुई अत्यधिक बारिश होने से खरीफ फसल प्रभावित हुई है। लेखपाल सुशील कुमार ने मौके पर पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित किसानों को भरोसा दिया।
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बारिश से तिल की फसल पूरी तरह नष्ट
कुलपहाड़ के किसान बड्डे राजपूत का कहना है कि बारिश से तिल की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। मूंग की फलियां सड़ गई हैं। ऐसे में खेत की जोताई करना पड़ेगी। आगामी रबी फसल के लिए खाद और बीज की व्यवस्था कैसे होगी। अब इसकी चिंता सता रही है।

किसान गौरीशंकर प्रजापति ने बताया कि इस वर्ष मूंगफली की खेती अधिकांश खेतों में की गई है। इसमें प्रति हेक्टेयर 25 हजार रुपये का खर्च आया। फसल नष्ट होने से बैंक का कर्ज कैसे अदा होगा, इसको लेकर वह परेशान हैं। उन्होंने मूंगफली की फसल बोई थी।

बैठक में छाया रहा किसानों की समस्याओं का मुद्दा
बेलाताल। ब्लॉक जैतपुर की ग्राम पंचायत सुगिरा में भारतीय किसान संघ की बैठक हुई। इस दौरान किसानों ने कहा कि लगातार हो रही बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी तिल, उड़द, मूंगफली आदि की फसल को भारी क्षति हुई है। कई स्थानों पर जलभराव से फसलें सड़ने की स्थिति में हैं। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। बैठक के बाद भारतीय किसान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सुबोध पटैरिया के नेतृत्व में किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर डीएम को संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा जिसमें किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की है। (संवाद)

खेतों में पहुंचे विधायक, बोले-फसलों में 100 फीसदी नुकसान
कुलपहाड़। विधायक चरखारी बृजभूषण राजपूत ने बुधवार को सुगिरा, बोरा, सतारी गांवों में खरीफ फसल के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने किसानों से वार्ता की। उन्होंने नायब तहसीलदार व लेखपाल को कच्चे मकान गिरने वालों को सहायता राशि दिलवाने के निर्देश दिए। किसानों ने बताया कि एक माह की बारिश से तिल, मूंग व उड़द की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसान विनय कुमार, हरिओम समेत अन्य ने सर्वे को मनमाना बताया। उन्होंने शिकायत की कि सर्वे रिपोर्ट भी किसानों को नहीं बताई जा रही है। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि 100 फीसदी नुकसान पर सर्वे की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त न करने की बात कही। विधायक ने लखनऊ में अधिकारियों से इस बारे में वार्ता करने की बात कही। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष वैभव अरजरिया भी मौजूद रहे। (संवाद)

फोटो 09 एमएएचपी 11 परिचय-मौजा कुलपहाड़ स्थित खेत में इस तरह भरा बारिश का पानी। संवाद

फोटो 09 एमएएचपी 11 परिचय-मौजा कुलपहाड़ स्थित खेत में इस तरह भरा बारिश का पानी। संवाद

फोटो 09 एमएएचपी 11 परिचय-मौजा कुलपहाड़ स्थित खेत में इस तरह भरा बारिश का पानी। संवाद

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