महोबा। सरकारी बोरिंग हो या निजी, इसे कराने वालों के लिए अब नियम कड़े होने जा रहे हैं। भू-जल का इस्तेमाल करने वालों को भू-जल प्रबंधन एक्ट का पालन करना होगा। शासन की यह नई गाइडलाइन न केवल महोबा, बल्कि पूरे प्रदेश में लागू होगी। अब निजी और व्यवसायिक इस्तेमाल करने के लिए बोरिंग कराने वालों को लघु सिंचाई विभाग में पंजीयन कराना होगा। इसके लिए पोर्टल भी तैयार हो गया है। गाइड लाइन के उल्लंघन पर सजा के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है।
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार यादव ने बताया कि अभी तक ऐसा कोई प्रावधान नहीं था कि बोरिंग कराने वालों को शासन व प्रशासन से अनुमति लेनी पड़े। इसका फायदा उठाकर लोग मनमाने तरीके से बोरिंग कराकर भू-जल का इस्तेमाल कर रहे हैं। तमाम लोग तो भू-जल का व्यवसायिक इस्तेमाल कर मोटी रकम कमा रहे हैं। बकौल अधिशासी अभियंता अब सभी तरह की बोरिंग कराने से पहले अनुमति लेनी होगी। लघु सिंचाई विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह व्यवस्था निजी, कृषि, औद्योगिक व व्यवसायिक तौर पर भू-गर्भ जल का इस्तेमाल करने सभी पर लोगों पर लागू होगी। उन्होंने बताया कि निजी और कृषि कार्य के लिए बोरिंग कराने को कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं देना होगा। जबकि, व्यवसायिक व औद्योगिक इस्तेमाल करने के लिए बोरिंग कराने वालों को पांच हजार रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा। नियमों के अवेहलना करने पर दंड का भी प्रावधान शासन ने किया है। भू-गर्भ जल उपभोक्ता नियम उल्लंघन करता है तो दो से तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। साथ ही, 10 लाख रुपये अर्थदंड का भी प्रावधान है। प्रथम बार नियम उल्लंघन पर पांच लाख से कम का अर्थ दंड नहीं होगा। साथ ही, गाइडलाइन का पालन कराने को गांव स्तर पर ग्राम पंचायत भू-गर्भ जल समिति और ब्लॉक स्तर पर खंड पंचायत भू-गर्भ जल समिति गठित की जा चुकी है।