महोबा। डार्क जोन से जूझ रहे बुंदेलखंड के छह जिलों समेत प्रदेश के 10 जिलों के 26 विकास खंडों में अब अटल भूजल योजना पाताल गंगा की सेहत में सुधार करेगी। इसकी कवायद तेज कर दी गई है। प्रदेश सरकार के 11 विभाग अपने-अपने तरीके से भूजल स्तर को बेहतर करने का खाका तैयार करने में जुटे हैं। संबंधित विभागों के अफसरों ने कौन क्या और कैसे कार्ययोजना को अंजाम देगा, इस बारे में मंथन शुरू कर दिया।
भूजल की सेहत सुधारने को शासन ने पांच साल की सीमा तय की है। इसके लिए 729.24 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। बुंदेलखंड के महोबा, झांसी, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर व ललितपुर जिले के 20 विकास खंड, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत और मेरठ जिले के छह विकास खंड डार्क जोन घोषित हैं। कम भूजल उपलब्धता की दृष्टि से बुंदेलखंड क्षेत्र की 350 व पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 200 ग्राम पंचायतों को अटल भूजल योजना के तहत चयनित किया गया है। यहां लघु सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश जल निगम, ग्राम विकास विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग, परती भूमि विकास विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, भूगर्भ जल विभाग समेत 11 विभाग भूजल की सेहत सुधारने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे।