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इमरजेंसी में रक्त चाहिए तो झांसी भागिए

Sun, 27 Sep 2015 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा।
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जिला अस्पताल में सात साल बाद भी पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने से ब्लड बैंक बंद पड़ा है। इसके चलते अब इमरजेंसी में भी मरीजों को रक्त नहीं चढ़ पाता। उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रिफर कर दिया जाता है।
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करोड़ों की लागत से ब्लड बैंक में मशीनें, एसी लगाकर खून को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई थी। लोगों ने आसानी से ब्लड मिलने की सुविधा पर खुशी जताई थी। लेकिन ये कुछ ही दिन रही। जिला अस्पताल में सात साल पहले पैथोलॉजिस्ट का स्थानांतरण होने के बाद किसी तरह संविदा कर्मी के भरोसे काम चलता रहा।

चार साल से रक्तदान दिवस पर संविदा कर्मी, लैब टेक्नीशियन पीएन विश्वकर्मा जिला अस्पताल में रक्त लेकर ब्लड बैंक में रखते थे। लेकिन पैथोलॉजिस्ट न होने के बाद भी ब्लड निकालने और चढ़ाने का कार्य लैब टेक्नीशियन द्वारा कराने की शिकायत पर लखनऊ से आई टीम ने इस पर रोक लगा दी।
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लैब टेक्नीशियन को भी डीएम ने निष्कासित कर दिया था। हाल ये है कि गत अगस्त से ब्लड बैंक में ताला लगा है। ब्लड बैंक में रखे उपकरण भी धूल खा रहे हैं। इमरजेंसी होने पर तो मरीज को झांसी लेकर भागना पड़ता है।

जिला अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट न होने के कारण किसी का ब्लड लेना या किसी मरीज को ब्लड चढ़ाना कठिन होता है। इसलिए जब तक पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक ब्लड बैंक बंद रहेगा। पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए कई बार लिखा पढ़ी की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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    उदयवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महोबा
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