महोबा। जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर सिचौरा गांव में स्थित दो हजार वर्ष पुराने कल्पवृक्ष को बचाने के लिए गांव वालों ने उसके 13 मीटर चौड़े तने पर रक्षासूत्र बांधा और शासन-प्रशासन से इस दुर्लभ धरोहर को बचाने की अपील की। इस जुड़वां कल्पवृक्ष के एक तने में दो वर्ष पहले फंगस लग गया था जिससे उसका वह तना खोखला हो गया और आधा टूट कर गिर गया।
सिचौरा के किसान सचिन खरे ने बताया कि राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डा. राम सेवक चौरसिया के दिशा-निर्देशन में तने के अंदर दवा लगाई गई है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कृषि रक्षा इकाई की टीम भेजकर कुछ माह पहले फंगसग्रस्त तने में दवा का छिड़काव करवाया था लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हुआ।
कल्पवृक्ष को रक्षा सूत्र बांधने सिचौरा पहुंचे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि सैकड़ों साल पुराने हमारे दुर्लभ वृक्षों की देखभाल के प्रति पूरी तरह उदासीन है। सिचौरा के कल्प वृक्ष को विरासत वृक्षों की श्रेणी में रखा गया है। इसे बचाना जरूरी है। इस मौके पर रवि सेन, ग्यासी लाल व अजय सिंह समेत तमाम लोग भी मौजूद रहे।