महोबा। इंतजार की घड़ी समाप्त हुई। महोबा में शनिवार का दिन ऐतिहासिक होगा और यातायात के क्षेत्र में नया अध्याय शुरू होगा। वाराणसी-महोबा-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिली है। रेल मंत्रालय की ओर से ट्रेन का संचालन आठ नवंबर से शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन जनपद महोबा से गुजरने वाली पहली हाईस्पीड ट्रेन होगी। जो पर्यटन विकास के हिसाब से जिले के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने रेल मंत्री से कुछ दिन पहले मुलाकात की थी। उन्होंने विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो से वाराणसी के लिए वंदे भारत ट्रेन का संचालन किए जाने की मांग की थी। इसको लेकर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने खजुराहो सांसद को पत्र भी भेजा। इसमें कहा गया कि खजुराहो से वाराणसी के मध्य वंदे भारत एक्सप्रेस के परिचालन को स्वीकृत कर दिया गया है। उत्तर-मध्य रेलवे झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गाड़ी संख्या- 02582 बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस वाराणसी रेलवे स्टेशन से साढ़े आठ बजे चलेगी। जो विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर 10 बजे, प्रयागराज छिवकी में 11.05 बजे, चित्रकूटधाम कर्वी दोपहर डेढ़ बजे, बांदा में दोपहर 2.14 व महोबा रेलवे स्टेशन पर दोपहर 3.13 बजे आएगी। इस ट्रेन का खजुराहो पहुंचने का समय शाम 16.25 बजे है। ट्रेन में आठ कोच होंगे। महोबा रेलवे स्टेशन पर भी वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
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व्यापार व हस्तशिल्प को मिलेगी गति
महोबा। झांसी मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि देश के रेल नेटवर्क में गति, सुविधा और आधुनिकता के नए अध्याय जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ नवंबर को चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ बनारस स्टेशन से करेंगे। यह ट्रेनें बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बंगलुरु रूट पर चलेंगी। इन ट्रेनों के शुभारंभ के साथ भारत में वंदे भारत एक्सप्रेस की संख्या बढ़कर 80 हो जाएगी, जो भारतीय रेल की तीव्र प्रगति और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का सशक्त प्रतीक है।
डीआरएम ने बताया कि एक वंदे भारत एक्सप्रेस बनारस-खजुराहो के बीच चलेगी, जो विंध्याचल, प्रयागराज छिवकी होते हुए झांसी मंडल के चित्रकूट धाम कर्वी, बांदा, महोबा जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ते हुए बुंदेलखंड के प्रसिद्ध पर्यटन नगर खजुराहो तक पहुंचेगी। यह मार्ग अपने धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। ट्रेन के संचालन से इन क्षेत्रों में पर्यटन, स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
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क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम
महोबा। डीआरएम अनिरुद्ध कुमार बताया कि वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन के मौके पर सभी प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेन का भव्य स्वागत किया जाएगा। रेलवे की ओर से स्टेशन परिसरों को सुसज्जित किया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारंपरिक स्वागत समारोहों और जनभागीदारी कार्यक्रमों का आयोजन होगा। विभिन्न स्टेशनों पर जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। बनारस से खजुराहो तक चलने वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास, पर्यटन संवर्धन और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी। पर्यटकों के लिए दिल्ली से खजुराहो और खजुराहो से बनारस जाना आसान हो जाएगा।