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Mahoba News: कमीशन के खेल में आदेश फेल, बाहर की लिखी जा रहीं दवाएं

Sat, 08 Nov 2025 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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महोबा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के सख्त आदेश के बाद भी जिला अस्पताल के डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं। कमीशनबाजी के खेल में सभी आदेश फेल हैं। ओपीडी में हर दूसरे मरीज को बाहर से दवाएं लाने का पर्चा थमाया जा रहा है। इससे मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। सीएमएस का कहना है कि डॉक्टरों को कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अब मामला सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला अस्पताल मेंं इस समय प्रतिदिन एक हजार मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। जो दवाएं नहीं हैं, उनके लिए अस्पताल में ही जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। ताकि, मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं मिल सकें लेकिन कुछ डॉक्टर कमीशनबाजी के चक्कर में मरीजों को बाहर से महंगी दवाओं की पर्ची थमा रहे हैं। यह दवाएं इक्का-दुक्का निर्धारित मेडिकल स्टोर पर ही मिलती हैं। शुक्रवार को संवाद न्यूज टीम ने अस्पताल की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। हर दूसरे मरीज को या तो पर्ची थमाई गई या फिर जांच के पर्चे में ही बाहर की दवाएं लिख दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीज किसी तरह मेडिकल से दवा लाकर डॉक्टर को दिखाते नजर आए। सूत्र बताते हैं कि डॉक्टरोंं का कमीशन फिक्स है। उन्हीं मेडिकल स्टोरों की दवा लिखीं जा रही हैं, जहां से कमीशन तय है। अन्य मेडिकल स्टोरों में यह दवाएं नहीं मिलतीं।
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मरीजों ने बताई समस्या
बमरारा निवासी कार्तिक ने बताया कि पांच माह से पेटदर्द की समस्या है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने बाहर की दवा लिखी। मेडिकल से एक हजार की दवा खरीदी है। यह दवा चयनित मेडिकल में ही मिली। अन्य मेडिकल संचालकों ने यह दवा न होने की बात कही।
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राठ निवासी हाजरा बताती हैं कि आधे शरीर में खुजली और दाने होने की समस्या है। बृहस्पतिवार को दिखवाया था। तब डॉक्टर ने जांच लिखकर दस गोली बाहर की लिखी थीं। जो मेडिकल में खरीदने पर 100 रुपये मिली। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट लेकर डॉक्टर को दिखाने आए हैं।
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पचपहरा निवासी कौशल्या ने बताया कि करीब एक साल से शरीर दर्द, घबराहट और हाथ-पैर में तेज दर्ज होने की समस्या है। जिला अस्पताल में दो बार दिखवा चुके है। दोनों बार 1,500-1,500 रुपये की बाहर की दवा लिखी गई। शुक्रवार को दिखाया तो डॉक्टर ने फिर से बाहर की दवा लिखी हैं।
जो-जो बाहर की दवाएं लिख रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी को तीन-तीन नोटिस देकर बाहर की दवाएं न लिखने को कहा गया है। एक बार फिर से लिखकर आगाह करेंगे। सुधार न होने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे। शासन को भी लिखा-पढ़ी की जाएगी। -डॉ. सुरेश कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल महोबा।
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