महोबा। सालट गांव में बिरयानी मामले में उपजे विवाद के बाद आयोजकों ने अब गांव छोड़ दिया है। अब आयोजक जिला मुख्यालय महोबा के नयापुरा नैकाना में अस्थाई तौर पर रहने लगे हैं। आयोजकों का कहना है कि वन विभाग द्वारा मजार की दीवार गिराए जाने का नोटिस जारी किया गया है लेकिन वह अपने हाथ से बाउंड्री की एक ईंट भी नही गिराएंगे। उधर, विधायक का कहना है कि वह बाउंड्री गिराने की निर्धारित की गई 14 तारीख का इंतजार कर रहे हैं।
सालट गांव में 31 अगस्त को शेख पीर बाबा के उर्स के दौरान एक समुदाय के लोगों को बिरयानी खिलाने के बाद मामला शांत होता नही दिख रहा है। विधायक के कड़े तेवरों को देखकर वन विभाग के हाथ पैर फूल गए हैं। उधर गांव में किसी तरह का विवाद न हो बल्कि आपसी सामंजस्य बना रहे इसे लेकर आयोजक शेख कल्लू व रमजान ने तीन दिन पहले गांव ही छोड़ दिया है। हालांकि दो दिन बाद कल्लू गांव के हालात लेने पहुंच गया जबकि रमजान अब महोबा में ही डेरा जमाए हुए है।
आयोजकों का कहना है कि दो साल पहले मजार की बाउंड्री निर्माण के दौरान वन विभाग ने आपत्ति की थी तो गांव के ही हिंदू भाइयों ने मौके पर पहुंचकर बाउंड्री का निर्माण कराया था। अब अगर गांव वाले चाहे तो बाउंड्री को टूटने से बचा सकते हैं। उधर चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नही हैं। उनका कहना है कि 14 सितंबर के बाद बाउंड्री न गिरने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करवाएंगे। मालूम हो कि इस मामले में 43 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।