फोटो 28 एमएएचपी 19 परिचय-उर्मिल बांध फुल होने से इस तरह सड़क किनारे तक पानी पहुंचने से हो रहा म
श्रीनगर (महोबा)। उर्मिल बांध के बढ़े जलस्तर ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बांध के अपने अधिकतम जल भंडारण क्षमता पर पहुंचते ही पानी की लहरें महोबा-झांसी मार्ग से टकरा रही हैं। इससे सड़क किनारे की मिट्टी का कटाव शुरू हो गया है। आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणोंं में दहशत है। उन्हें आशंका है कि यदि इसी तरह सड़क का कटान जारी रहा तो महोबा-झांसी मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद हो सकता है।
उर्मिल बांध उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित है। उर्मिल बांध के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। उर्मिल बांध की अधिकतम जल भंडरण क्षमता 237.43 मीटर है जबकि इस समय बांध का जलस्तर 237.30 मीटर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से पानी की लहरें महोबा-झांसी मार्ग तक उछाल मार रही है। इससे सड़क पर कटाव होने लगा है। सड़क किनारे लगे डिवाइडर उखड़कर गिर गए हैं। पिपरामाफ गांव के ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि महेंद्र सिंह गौर, खूबचंद, विजय सिंह, बबलू अरजरिया, महेश कुमार आदि का कहना है कि सड़क का कटाव रोकने के लिए डीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया था लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई। उधर सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रोहित कुमार का कहना है कि मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क की ऊंचाई नहीं बढ़ाई गई। इसके चलते पानी सड़क से टकरा रहा है। मध्यप्रदेश शासन सड़क से राजस्व वसूलता है। उन्हीं की ओर से सड़क का कटाव रोकने की व्यवस्था कराई जाएगी।