कुलपहाड़ (महोबा)। रबी फसल की बोआई करने वाले किसानों को खाद का संकट भारी पड़ रहा है। कुलपहाड़ सहकारी समिति में एक माह से किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। यूरिया के अभाव में फसल प्रभावित हो रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
यदि समय पर यूरिया नहीं मिली तो किसानों की फसल चौपट हो जाएगी और उनका खाद व बीज की लागत भी नहीं निकल सकेगी।रबी सीजन में गेहूं, मटर, लाही, चना की फसल की बोआई के बाद किसान यूरिया खाद का छिड़काव करते हैं।
सहकारी समितियों में खाद न पहुंचने से किसान निजी दुकानों से दोगुने दाम पर खाद लेने को मजबूर हैं। कुलपहाड़ की सहकारी समिति में पिछले एक माह से ताला पड़ा है। प्रशासन की ओर से यहां तैनात सचिव को बदल दिया गया है।
इसके बावजूद समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। बुधवार की सुबह यूरिया वितरण की जानकारी मिलने पर किसान पहुंचे लेकिन सुबह 11:30 बजे तक ताला लटका रहा। किसानों ने बताया कि सचिव ताला डालकर बैंक गए हुए हैं।
रवि, कालीचरण, शिव सिंह, हसमत, नेपाल सिंह आदि किसानों ने बताया कि वह सहकारी समिति कुलपहाड़ बी-पैक्स के सदस्य हैं। काफी समय से यूरिया खाद के लिए परेशान हैं। यहां खाद न मिलने की वजह से निजी दुकानों से महंगी दर पर यूरिया खरीदने को मजबूर हैं। समिति के सचिव पीयूष चौरसिया का कहना है कि खाद आने पर किसानों को वितरित की जाएगी। इससे परेशानी खत्म हो जाएगी।