महोबा। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। एसआईटी की रिपोर्ट में संस्तुति के बाद हुई खुली जांच में अब सेवानिवृत्त एसआई का नाम उजागर हुआ है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी के निरीक्षक ने शहर कोतवाली में सेवानिवृत्त एसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है। 24 दिन पहले इसी मामले में सिपाही सूरज यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। गोली लगने से 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। मामले की जांच एसआईटी ने की।
जांच में तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त को भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी माना गया। इनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ। एसआईटी की जांच में सिपाही अरुण यादव को भी भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया। इसके बाद 24 जनवरी को सिपाही सूरज यादव पर भी मामला दर्ज हुआ।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी के निरीक्षक प्रेम कुमार ने शहर कोतवाली में सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक सुरेंद्र नारायण द्विवेदी (निवासी ग्राम कंधौली थाना सजेती जनपद कानपुर नगर) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मामला दर्ज कराया है। भ्रष्टाचार के दौरान यह एसआई पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वाचर पद पर तैनात था।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक ने बताया कि इंद्रकांत मौत के मामले में एसआईटी की रिपोर्ट में की गई संस्तुति के आधार पर दोषी पुलिस कर्मियों की खुली जांच कराई गई। सेवानिवृत्त एसआई की महोबा में तैनाती के दौरान निर्धारित अवधि में 50 लाख 72 हजार 941 रुपये की आय अर्जित की गई।
इस अवधि के दौरान उनकी ओर से 80 लाख 39 हजार 971 रुपये का व्यय पाया गया। आय के सापेक्ष 29 लाख 67 हजार 30 रुपये का अधिक व्यय किया गया। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ करेगी।