कबरई (महोबा)। झांसी-मानिकपुर रेलवे लाइन पर मकरबई अंडरपास में जलभराव होने से छह से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया। नाराज ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है।
कानपुर-सागर हाईवे से मकरबई, डहर्रा, नैगुवां, रतौली, यादवखोड़ा समेत छह से अधिक गांवों को जाने के लिए रेलवे लाइन में अंडरपास बनाया गया है। वर्षों पहले यहां पर रेलवे लाइन के ऊपर से फाटक लगाकर वाहनों को गुजारा जाता था लेकिन, इसे बंद करके अंडरपास बनाकर वाहनों को निकलने के लिए व्यवस्था दी गई।
जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के चलते रास्ता ठप हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि अंडरपास में पानी भरने से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच रही है। बीमारों और गर्भवती महिलाओं को जान जोखिम में डालकर वैकल्पिक रास्तों से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीण प्रीतम प्रसाद चतुर्वेदी, संतकुमार सोनी, ओमप्रकाश कुशवाहा, हल्के कुशवाहा और अमोल सिंह का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को बताया लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
जलभराव बना मुसीबत, ग्रामीण परेशान
कबरई। मकरबई के राजकुमार, महेंद्र पाल, चंद्रपाल राजपूत ने बताया कि पत्थर, गिट्टी भरे डंफर निकलने से अंडरपास में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और उनमें सरिया भी निकले हैं। जलभराव हो जाने से इन गड्ढों व सरिया का अंदाजा लगाना मुश्किल है। यदि कोई व्यक्ति मजबूरी में पानी भरे इस अंडरपास से निकलने की कोशिश करता है तो उसकी जान भी खतरे में पड़ जाती है। ग्रामीणों ने डीएम से अंडरपास से जल निकासी की व्यवस्था कराने या फिर पुराने रेलवे फाटक को दोबारा चालू कराने की मांग की है।