महोबा। आयुध अधिनियम के मामले में अदालत ने दोषी को दो वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगी।
थाना पनवाड़ी में तैनात हेड कांस्टेबल कल्याण सिंह सिपाही देवीसिंह के साथ पांच मार्च 2008 को अपराधियों के खिलाफ चेकिंग अभियान चला रहे थे। तभी एफसीआई गोदाम के पास एक व्यक्ति दिखा। रोकने पर वह भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर आरोपी हरगोविंद राजपूत निवासी नगाराघाट के पास से देशी तमंचा व तीन कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 25 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय आशुतोष प्रशांत शुक्ला ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। अभियोजन अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त हरगोविंद को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।