महोबा। गैर इरादतन हत्या के साढ़े छह साल पुराने मामले में सत्र न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त कारेलाल उर्फ करिया और बबलू को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
कस्बा खन्ना निवासी नारेंद्र उर्फ ठाकुरदीन ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसके पिता देवीचरण अहिरवार सात नवंबर 2018 को घर से कहीं जा रहे थे। तभी गांव के कारेलाल उर्फ करिया व बबलू शराब के नशे में धुत होकर गाली गलौज करने लगे थे। विरोध करने पर मारपीट करते हुए शौचालय के गड्ढे में फेंक दिया था।
इससे देवीचरण को गंभीर चोटें आईं। उन्हें इलाज के लिए कानपुर के अस्पताल ले जाया गया। जहां अगले दिन आठ नवंबर को उनकी मौत हो गई। बेटे की तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।