महोबा। जिले में संक्रामक बीमारियों का कहर जारी है। मंगलवार को बुखार और डायरिया से मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई। वहीं पिछले 24 घंटों में 10 से अधिक लोगों की हालत गंभीर होने पर वार्ड में भर्ती कराया गया। उधर, जिला अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, बुखार, पेटदर्द आदि के मरीजों की भरमार हैं।
जिले में पड़ रही भीषण गर्मी व तेज धूप से हर कोई बेहाल है। इससे लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने के लिए मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ओपीडी में 781 मरीजों का उपचार किया गया। 24 घंटे में रानी, रामसेवक, सुरेंद्र, कृष्णा, मानकी समेत दस से अधिक लोगों के बुखार, पेटदर्द, डायरिया, बदन दर्द आदि से ग्रसित होने पर वार्ड में भर्ती कराया गया।
जिले की सीमा से सटे जनपद छतरपुर के टिकरी गांव निवासी रुद्रप्रताप के पांच माह के बेटे आदर्श की मंगलवार की सुबह हालत बिगड़ गई। तेज बुखार होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। चाचा कोमल ने बताया कि भतीजा निमोनिया से पीड़ित था। इसी तरह कोतवाली क्षेत्र के बीजानगर निवासी लालदिवान (70) सोमवार की रात घर पर था तभी उल्टी-दस्त होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। देर रात उपचार दौरान वृद्ध की मौत हो गई। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि भीषण गर्मी में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है।
ऐसे करें बचाव
-शरीर व सिर को अच्छे से ढककर निकले।
-ताजा और संतुलित भोजन करें।
-नियमित अंतराल में पानी पीते रहें।
-धूप में गमछा, तौलिया और छाते का प्रयोग करें।
-सुबह 11 से शाम चार बजे तक घर पर रहें।
-जरा सी दिक्कत होने पर चिकित्सक को दिखाएं।