महोबा/महोबकंठ। जिले में संक्रामक बीमारियां जानलेवा हो गई हैं। बुधवार को बुखार से मासूम समेत दो और लोगों की मौत हो गई। 12 से अधिक मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें वार्डों में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ जुट रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में सर्वाधिक संख्या पेटदर्द, बुखार और सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीजों की है। बुधवार को ओपीडी में एक हजार से अधिक इलाज कराने पहुंचे। तेज बुखार होने पर कमलेश, माधुरी, तबरेज, मिथलेश, शिवकली, गोरीबाई, उमादेवी, पुष्पा, राजेंद्र, सरोज, कमला व मुन्नी को वार्ड में भर्ती कराया गया।
थाना महोबकंठ के कुनाटा निवासी मुकेश सेन की पत्नी खुशबू (35) को पांच दिन से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसी तरह शहर के मोहल्ला भटीपुरा निवासी शहबाज की दो माह की बेटी मिरहा काफी दिनों से बीमार चल रही थी। बुखार होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां उपचार दौरान उसकी मौत हो गई।
जिला अस्पताल के डॉ. पंकज राजपूत ने बताया कि बेहतर साफ-सफाई अपनाने से बुखार व अन्य संक्रमण से बचा जा सकता है। सर्दी के मौसम में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए हाथों को पानी से अच्छी तरह से धोएं।