अजनर (महोबा)। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुए करोड़ों के घोटाले के मामले में फरार चल रहे दो और आरोपियों का पुलिस ने गिरफ्तारी किया है। इन आरोपियों ने तालाब, पहाड़ और चकमार्ग की जमीनों पर फर्जी बीमा कराकर सरकारी धन हड़प लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा है। इस मामले में अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन बीमा कंपनी का प्रबंधक अब भी फरार है।
जिले में खरीफ सीजन 2024 और 2025 में फसल बीमा के नाम पर करीब 40 करोड़ का घोटाला हुआ। घोटालेबाजों ने किसानों की जमीन का तो फर्जी तरीके से फसल का बीमा अपने नाम कराया ही, साथ ही साथ नदी, नाले, तालाब, पहाड़, बंजर भूमि, चकमार्ग, वन आदि की जमीनों में फसल की बोआई दिखाकर बीमा कराया। इसके बाद बीमा कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये का फर्जी भुगतान भी दावा के रूप में प्राप्त कर लिया। कई लोगों के मिलीभगत करने से यह घोटाला करोड़ों रुपये का साबित हुआ। जब इस मामले की परतें खुलीं तो उप कृषि निदेशक रामसजीवन ने शहर कोतवाली ने बीमा कंपनी के प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी समेत कई अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अलावा जिले के पनवाड़ी, चरखारी, अजनर व कुलपहाड़ कोतवाली में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गईं। मामलों में 26 नामजद और कई अज्ञात लोगों को शामिल बताया गया। इस मामले में पुलिस 12 लोगों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है।
शनिवार को थाना अजनर पुलिस ने मामले के दो आरोपियों कृष्ण कुमार निवासी बगरौन, चरखारी और हर्षेंद्र निवासी किल्हौवा, पनवाड़ी को सूपा चौराहे से पकड़ा। थानाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग ने थुरट में तालाब, पहाड़ व चकमर्ग आदि सरकारी जमीनों पर फर्जी तरीके से फसल बीमा कराकर सरकारी धन का गबन करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसी आरोप में सूपा चौराहा से कृष्ण कुमार और हषेंद्र को पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया, वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।