जिला महिला अस्पताल में दो नवजात शिशुओं की मौत से हड़कंप मच गया। परिजनों का आरोप है कि रात में बिजली जाने के बाद जनरेटर न चलाए जाने से गर्मी के कारण बच्चों की मौत हो गई। वहीं, डाक्टर बच्चों को कम दिन व कम वजन का होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। बच्चे अस्पताल के न्यू
बॉर्न केयर सेंटर में भर्ती थे। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चंादो निवासी अंजली पत्नी भगवानदास को चार दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल लाया गया था। अगले दिन अंजली ने शिशु को जन्म दिया। नवजात शिशु कमजोर होने के चलते उसे न्यू बोर्न केयर सेंटर में भर्ती किया गया। शुक्रवार की
रात नवजात शिशु की मौत हो गई। इसी प्रकार ग्राम गंज निवासी विटोला पत्नी सोनू के छह दिन के नवजात शिशु की मौत हो गई। यूनिट में भर्ती एक दर्जन बच्चों में दो बच्चों की एक ही रात में मौत हो जाने से हडकंप मच गया। परिजनों ने बताया कि रात में स्वतंत्र फीडर खराब हो जाने से बिजली चली गई।
कर्मचारियों से जनरेटर चलाने की बात कही गई लेकिन पूरी रात जनरेटर नहीं चलाया गया। उन्होंने गर्मी के चलते नवजात शिशुओं की मौत होने का आरोप लगाया। महिला जिला अस्पताल के प्रभारी डा. एसके वर्मा ने बताया कि दोनों शिशु कम दिन व कम वजन के थे। बच्चों का वजन करीब 800 ग्राम था। बच्चे
पौने सात माह के थे। उन्हें झांसी के लिए रेफर कर दिया गया था लेकिन परिजन शिशुओं को नहीं ले गए। डाक्टर ने परिजनों द्वारा लगाए जा रहे अन्य आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि बिजली जाने के बाद जनरेटर चलाया गया था।