महोबा। कोरोना वायरस के डर से लोग बुरी तरह सहमे हैं। जिला मुख्यालय में बुधवार को जर्मनी के दो सैलानियों के घूमने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस मौके पर पहुंच गई और सुरक्षा को लेकर उनके साथ चलने लगी। बाद में, जिला प्रशासन के आदेश पर दोनों सैलानियों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें देखकर मरीज और तीमारदार भी मुंह पर रुमाल और मास्क बांधकर इधर-उधर भागने लगे। बाद में, उनका आइसोलेशन वार्ड में तीन सदस्यों की डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जहां पर दोनों नॉर्मल पाए जाने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
गौरतलब है कि इस समय कोरोना वायरस को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
जिले के स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कराने के साथ सार्वजनिक स्थानों पर जुटने वाली भीड़ पर भी रोक लगाई है। किसी भी विदेशी नागरिक के आने पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। विदेशी सैलानी तो दूर आपस में भी एक-दूसरे से हाथ न मिलाने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में बुधवार को अचानक एक विदरेशी महिला और पुरुष बिना मास्क के घूमते नजर आए। इसकी सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने पुलिस टीम के साथ दोनों सैलानियों को बस से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया।
बाद में, दोनों सैलानियों को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ले जाकर सीएमएस डॉ. आरपी मिश्रा, डॉ. गुलशेर सहित तीन डॉक्टरों की टीम ने दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि दोनों में कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी तरह के लक्षण नहीं पाए। न ही किसी को बुखार, खांसी पाया गया। नॉर्मल होने के कारण उनकी छुट्टी कर दी गई। सीएमएस का कहना है कि एलेक्स और रोनिका नाम के दोनों सैलानी जर्मनी के है। जो चार फरवरी को भारत आए थे और तब से देश में घूम रहे हैं। सैलानियों ने बताया कि वह चार फरवरी को दिल्ली आए। इसके बाद हैदराबाद में रहे। हैदराबाद के बाद खजुराहो के मंदिरों को देखा। अब महोबा से कानपुर जाएंगे। जहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।