साइकिल पर बाल्टी रखकर पानी लाते ग्रामीण।
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कबरई ब्लाक का ढिकवाहा गांव में पानी संकट है। कारण गांव में स्थापित 40 कुओं में से सभी जवाब दे गए हैं। वहीं 18 हैंडपंपों में 15 ड्राई है। तीन हैंडपंपों के भरोसे ढाई हजार की आबादी है। गांव से दो किमी दूर खेतों में स्थापित कुओं से लोग पानी भरकर लाते हैं।
सूखे के चलते पेयजल की समस्या दिन प्रतिदिन विकराल होती जा रही है। लगातार पाताल की ओर भाग रहे भूजल स्तर से प्राचीन जल स्रोत भी जवाब दे गए हैं। कबरई ब्लाक के ढिकवाहा गांव में पानी का संकट पैदा हो गया है। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में जहां कुएं सूख गए हैं वहीं हैंडपंपों ने जवाब दे दिया। गांव के बाहर खेतों में दो किमी दूर स्थापित कुओं के पास सुबह से शाम तक ग्रामीणों की भीड़ जुटी रहती है।
ग्रामीण साइकिल से और महिलाएं सिर पर गगरी रखकर पानी लातीं हैं। गांव की वृद्धा श्यामबाई ने बताया कि सुबह चार बजे से उठकर सबसे पहले पानी का इंतजाम करना पड़ता है। गांव में यदि शादी समारोह या अन्य आयोजन हो तो पैसों से पानी के टैंकर मंगाने पड़ते हैं। ग्राम प्रधान श्रीपत यादव ने बताया कि कि टैंकर की खरीद की जा रही है। गांव के ग्रामीणों को टैंकर से पेयजल आपूर्ति कराई जाएगी।