किसान की मौत के बाद घटना की जानकारी देते परिजन
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महोबा। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चुरबरा में कर्ज से परेशान किसान ने जहर खाकर जान दे दी। मृतक पर सहकारी समिति और आर्यावर्त बैंक का करीब साढ़े पांच लाख रुपये का कर्ज था। इसी को लेकर वह अक्सर तनाव में रहता था।
ग्राम चुरबरा निवासी नृपत अहिरवार (65) पुत्र धर्मा खेती करता था। परिवार में पत्नी गुलाबरानी, दो बेटे मोहन, प्रेमनारायण और तीन बेटियां हैं। किसान के पास करीब 20 बीघा जमीन थी। वर्ष 2013 में नृपत ने आर्यावर्त बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड पर दो लाख 31 हजार रुपये का कर्ज लिया था।
कई वर्षों से खेती में अच्छी पैदावार न होने के चलते वह कर्ज नहीं अदा कर पाया। इससे बैंक का ब्याज बढ़कर तीन लाख 44 हजार तक पहुंच गया। मार्च 2019 में बैंक ने किसान को नोटिस जारी कर 10 दिन के अंदर पैसा न जमा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इससे वह परेशान रहने लगा। मंगलवार सुबह नृपत ने घर पर जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई।
पुत्र मोहन ने बताया कि पिता पर बैंक के अलावा सहकारी समिति का भी खाद बीज का करीब दो लाख रुपये का कर्ज था। दो जवान बहनों कल्पना (22) व बृजवती (24) की शादी के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। इसे लेकर वह परेशान रहते थे। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।