पनवाड़ी (महोबा)। कस्बा पनवाड़ी में कर्ज अदायगी की चिंता और फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक पर बैंक का केसीसी से पौने दो लाख रुपये कर्ज था।
सूचना पर पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतार जांच की। एक पखवाड़े के अंदर जिले में फसल बर्बाद होने से किसान के आत्महत्या करने की यह तीसरी घटना है। कस्बे के मोहल्ला अग्निहोत्रीपुरा निवासी सतीश कुमार पाठक (50) साढ़े चार बीघा भूमि में खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। इस बार उसने तिल की फसल बोई थी।
माह सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई भारी बारिश से पूरी फसल बर्बाद हो गई थी। इससे सतीश परेशान रहता था। शुक्रवार की सुबह वह किसी से कुछ बताए बिना घर से निकल गया। शाम को उसका शव खेत में लगे नीम के पेड़ से रस्सी के फंदे पर लटकता मिला।
मृतक के बड़े भाई सुरेश पाठक ने बताया कि सतीश ने छह माह पहले बड़े बेटे प्रवीण की शादी की थी। इसके लिए साहूकारों से कुछ कर्ज लिया था। इसके अलावा बैंक का पौने दो लाख रुपये कर्ज था। फसल खराब होने और कर्ज अदायगी की चिंता में किसान ने यह कदम उठाया।
थानाध्यक्ष मनीष कुमार पांडेय का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। परिजनों ने अभी तक किसी प्रकार की तहरीर नहीं दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।