महोबकंठ (महोबा)। थाना महोबकंठ के घुटई गांव में अतिवर्षा से खरीफ फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी। किसान पर साहूकारों का करीब तीन लाख रुपये कर्ज था। परिजनों के अनुसार लगातार अच्छी पैदावार न होने से किसान परेशान रहता था।
घुटई निवासी बाटूराम अहिरवार (55) के पास डेढ़ बीघा जमीन थी। इस बार उसने 20 बीघा भूमि बलकट पर लेकर उड़द-मूंग की फसल बोई थी। माह सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई अतिवर्षा से फसल बर्बाद हो गई। इससे किसान परेशान रहने लगा।
शुक्रवार की रात किसान ने आंगन में लोहे के जाल से रस्सी का फंदा बनाकर फंदा लगा लिया। इससे उसकी मौत हो गई। मृतक के बेटे मोनू अहिरवार ने बताया कि भूमि कम होने पर पिता बलकट पर भूमि लेकर खेती करते थे। उन्होंने साहूकारों से करीब तीन लाख रुपये कर्ज ले रखा था।
इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी लेकिन अतिवर्षा से फसल चौपट हो गई। इससे उन्होंने यह कदम उठाया। घटना से पत्नी राजूदेवी सदमे में हैं। थानाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। परिजनों ने किसी प्रकार की तहरीर नहीं दी है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।