पनवाड़ी (महोबा)। ग्राम पंचायताें में निर्माण कार्यों के नाम पर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का खेल जारी है। विकासखंड पनवाड़ी के बुड़ेरा गांव में घर के दरवाजे से निकले नाले पर पुलिया का निर्माण किसान ने स्वयं के रुपयों से कराया। इसी पुलिया को बनवाने के नाम पर ग्राम पंचायत ने 3.59 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकाल लिए। पीड़ित किसान समेत ग्रामीणों ने मामले की शिकायत खंड विकास अधिकारी समेत उच्चाधिकारियों से की है। सीडीओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बुड़ेरा गांव निवासी किसान मातादीन यादव के घर के दरवाजे से नाला निकला है। वर्ष 2018-19 में मातादीन ने पुलिया का निर्माण कराए जाने की मांग प्रधान और सचिव से कई बार की लेकिन बजट न होने के बात कहकर निर्माण नहीं कराया गया। मातादीन की बेटी अंकिता पैरों से दिव्यांग है। पुलिया बनी न होने से उसकी साइकिल अंदर-बाहर नहीं आ जा पाती थी। उसे उठाकर घर ले जाने और बाहर निकालने में दिक्कत होने पर मातादीन 80 हजार रुपये से नाले पर पुलिया का निर्माण कराया था। दो दिन पहले जानकारी हुई कि पुलिया निर्माण के नाम पर ग्राम पंचायत ने 3.59 लाख का भुगतान निकालकर बंदरबांट कर लिया है। तब मातादीन के बेटे राहुल यादव व अन्य ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी समेत उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की। साथ ही पुलिया का निर्माण दिखाकर फर्जी तरीके से किए गए भुगतान की ऑनलाइन रसीदें भी दिखाईं।
उधर, ग्राम प्रधान फूलारानी के पति मुरलीधर का कहना है कि पहले से अधूरी पुलिया बनी थी। मातादीन के पुलिया निर्माण की बात कहने पर बजट न होने पर उससे निर्माण कराने और बाद में भुगतान करने की बात कही गई थी। पुलिया निर्माण के नाम पर रुपये निकाले गए हैं। उधर, मुख्य विकास अधिकारी हरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच खंड विकास अधिकारी को सौंपी गई है। रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकारी धन की रिकवरी कराई जाएगी।