कबरई (महोबा)। एमपी से यूपी में आने वाले बालू, गिट्टी पर प्रति ट्रक डेढ़ से दो हजार रुपये तक उप खनिज कर अब लगेगा। इसके बाद ही गाड़ियां यूपी की सीमा से पास हो सकेंगी। खनिज विभाग ने खनिज पोर्टल पर यह व्यवस्था अपडेट कर दी है।
कबरई पत्थर मंडी से दो साल पहले प्रतिदिन छह हजार से अधिक गाड़ियां आती थी। प्रदेश में ई-नीलामी लागू होने पर यहां गिट्टी, बालू के दाम बढ़ गए। तब से मंडी में कारोबार घटने लगा और एमपी की क्रसर मंडी में दरें कम होने से गुलजार हो गई।
इससे जिले की सरहद पर बसे मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले का वार्षिक राजस्व 25 करोड़ से बढ़कर 125 करोड़ रुपये पहुंच गया। पत्थर कबरई मंडी के लगातार बंद होने की वजह से परेशान पत्थर कारोबारियों ने सीएम योगी आदित्य नाथ से मुलाकात कर उन्हें जिले के घट रहे राजस्व के बारे में बताया था।
इसके बाद शासन ने जांच कर यूपी की क्रसर मंडी बचाने के लिए एमपी से आने वाली गाड़ियों पर 50 रुपये प्रति घनमीटर उप खनिज कर लगा दिया। इससे 1500 से दो हजार रुपये प्रति गाड़ी उप खनिज कर वसूला जाएगा।
डीएम अवधेश कुमार तिवारी ने बताया कि शासनादेश के अनुसार अन्य प्रांतों से आने वाली गाड़ियों में प्रति घनमीटर 50 रुपये उप खनिज कर वसूले जाने का सॉफ्टवेयर अपलोड हो चुका है। अब बिना ऑनलाइन उप खनिज कर की अदायगी के ट्रक यूपी से नहीं गुजर सकेंगे। ऐसा करने से कबरई मंडी में गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी। युवा व्यापारी मुकेश गुरुदेव का कहना है अब मंडी में सुधार की संभावनाएं दिखाई देने लगी हैं।