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ट्रेन हादसा या साजिश, जांच शुरू

Thu, 30 Mar 2017 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
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हादसे के बाद रेलवे ट्रेक से उतरी बोगियां - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 झांसी - मानिकपुर रेल लाइन पर लाडपुर गांव के सामने महाकौशल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद एनआईए, एटीएस के साथ सभी सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंची। टीम ने अलग- अलग स्थानों ने नमूने लिए। इस बात की जांच की जा रही है कि यह हादसा है या साजिश। पुलिया के पास कहीं कोई विस्फोटक तो नहीं लगाया गया था, इस बात भी गहराई से जांच की जा रही है। रेलवे ने पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है।
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रेल हादसा लाडपुर गांव के सामने निर्माणाधीन पुलिस के पास हुआ है। आमतौर पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली महाकौशल एक्सप्रेस यहां पुलिया के निर्माणाधीन होने की वजह से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी।


स्पीड कम होने की वजह से लोगों की जान बच गई। हालांकि हादसे के बाद कपलिंग के टूटने के वजह से बोगियां जहां- तहां बिखरी और लाइन के बगल में स्थित गड्ढे में जा गिरीं। चूंकि इस  ट्रैक का रात करीब नौ बजे निरीक्षण हुआ था। ऐसे में यह हादसा है या कोई साजिश, इस पर जांच टीमें पूरी मुस्तैदी से जुटी हैं।
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हादसे के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम के साथ ही आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को भी लगाया गया है। इसके अलावा रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और पाथ वे इंस्पेक्शन (पीडब्यूलआई) के अधिकारियों की टीम भी जांच में जुटी है। रेलवे और एटीएस के अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ और एफएसएल की टीमें भी मौके पर पहुंच कर पड़ताल की।

इन टीमों ने रेल लाइन के टुकड़े, बोगियों की कतरनें आदि के भी नमूने लिए हैं। हालांकि एटीएस के आईजी असीम अरुण ने देर शाम बताया कि टीम ने मौके का मुआयना किया है। शुरुआती जांच में किसी साजिश का सुराग नहीं मिला है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। विस्फोटक था या नहीं, इसकी जांच के  लिए मौके से कुछ नमूने जुटाकर रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। दूसरी तरफ रेलवे ने भी जांच समिति बना दी है।

इसकी रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक मूलचंद्र चौहान का कहना है कि रेल हादसे की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। इसमें मुख्य संरक्षा अधिकारी, मुख्य यातायात अधिकारी, मुख्य अभियंता संचालन व मुख्य डीजल इंजीनियर को शामिल किया गया है। इसके अलावा एनआईए और एटीएस अलग से जांच कर रही है।

 महोबा में रेल हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा और डीजीपी जावीद अहमद ने बात की और घटना के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए।  विशेष सचिव गृह मणि प्रसाद मिश्रा ने बताया कि अभी तक पूरी घटना में किसी तरह के आतंकियों के शामिल होने के सुराग नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार की शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग कर अधिकारियों को रेल दुर्घटनाओं के बारे में भी निर्देश दिए गए थे। 
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