महोबा। प्रदेश सरकार का बजट पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। बजट में शासन की ओर से पर्यटन विकास के लिए चार सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसका सीधे तौर पर जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को लाभ मिलेगा। इन धरोहरों के दिन बहुरेंगे।
जनपद महोबा में ऐतिहासिक धरोहरों की कोई कमी नहीं है। बाजीराव-मस्तानी के अमर प्रेम से जुड़े जैतपुर के मस्तानी महल, कुलपहाड़ के सेनापति महल आदि में पर्यटन विकास के लिए कार्य कराए जाएंगे। इससे जिले के पर्यटन विकास को पंख लगेंगे। साथ ही जनपद में देशी-विदेशी सैलानियों की आमद बढ़ेगी। मस्तानी महल व सेनापति महल को दोबारा विकासित किए जाने को लेकर शासन स्तर से पहल की जा रही है।
पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में भी इन धरोहरों का विकास कराए जाने के प्रस्ताव पर मोहर लगी थी। अब बजट में भी पर्यटन विकास के लिए धनराशि की व्यवस्था किए जाने से यहां तेजी से विकास कार्य होंगे। इससे पर्यटन विकास जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा। विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो आने वाले विदेशी पर्यटक जैतपुर के मस्तानी महल, कुलपहाड़ के सेनापति महल पहुंचेंगे। पर्यटन विकास से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए चिह्नित किए गए पांच गांवों में भी विकास कार्य होंगे। सैलानियों के ठहरने के लिए स्टे होम की भी व्यवस्था होगी।
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लालता प्रसाद साहू का कहना है कि बजट में पर्यटन विकास के लिए अलग से धनराशि की व्यवस्था की घोषणा कर सरकार ने बेहतर निर्णय लिया है। जिले में ऐतिहासिक धरोहरों की कोई कमी नहीं है। अब धरोहरों का विकास होगा और महोबा में पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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देवेंद्र प्रजापति कहते हैं कि जिले की धरोहरों को पर्यटन विकास के हिसाब से विकसित किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। सरकार ने बजट में धरोहरों के विकास के लिए धनराशि की व्यवस्था की है। इससे ऐतिहासिक किलों व महलों का कायाकल्प होगा।