कबरई (महोबा)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2018 में लाखों रुपये खर्च कर कस्बा कबरई में बनाए सामुदायिक शौचालय बेमतलब साबित हो रहे हैं। अधिकांश शौचालयों पर ताले लटक रहे हैं तो कुछ शौचालय बंद पड़े हैं। आठ साल से बंद पड़े यह सामुदायिक शौचालय अराजकतत्वों का अड्डा भी बने हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगर पंचायत की ओर से दस वार्ड विशाल नगर, भगतसिंह नगर, रानी लक्ष्मीबाई नगर, शास्त्री नगर, जवाहर नगर, सुभाष नगर, राजीव नगर, गांधी नगर,आंबेडकर नगर और विवेक नगर में वर्ष 2018 में लाखों की लागत से सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया था। निर्माण के बाद इसमें ताले लगा दिए गए थे, जो आठ साल बाद भी लगे हुए हैं। ऐसे में कस्बे में आने वाले और स्थानीय जरूरतमंदों को खुले में शौच करना पड़ता हैं।
सभासद शीतला श्रीवास, संतोष कुशवाहा, सुमित वर्मा, शान मोहम्मद, भवानीदीन रैकवार, अशोक वर्मा, राजेंद्र प्रजापति, अवधेश रैकवार आदि ने बताया कि इन शौचालयों को सफाई के नाम पर एक-दो बार जरूर खोला गया और फिर बंद कर दिया गया। न तो यहां पर नियमित सफाई की व्यवस्था है और न ही पानी की।
कई बार शिकायतों के बावजूद नगर पंचायत ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई। नगर पंचायत के कर्मचारियों का कहना है कि शौचालयों में पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उनका संचालन नहीं हो पा रहा है। लोगों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सामुदायिक शौचालयोंं को शीघ्र शुरू कराए जाने की मांग की है। उधर, अधिशासी अधिकारी सूर्यप्रकाश का कहना है कि शौचालयों के मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद उन्हें शुरू कराया जाएगा।