बुंदेलखंड में सूखे के चलते जल निगम की ओर से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार ग्राम समूह पेयजल योजना बेकार साबित हो रही है। कस्बे के इकलौते बेलासागर तालाब के सूख जाने से किसानों को पानी देने वाली यह योजना बेमतलब है।
बेलासागर से 23 गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए यह योजना बनाई गई थी।
तालाब के सूख जाने से योजना दम तोड़ गई है। इलाकाई किसानों को बेलासागर तालाब से पानी की आपूर्ति देने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया यह प्लांट असफल साबित हो रहा है। जैतपुर के किसान देवकी नंदन, अशोक कुमार, जुगरू अहिरवा, इच्छाराम, सेवाराम अनुरागी, देशराज अनुरागी का कहना है कि तालाब से किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वर्ष 1983-84 में यह प्लांट जल निगम ने जल संस्थान को हस्तांतरित कर दिया था। 23 गांवों में जलापूर्ति के सापेक्ष केवल सात गांवों में ही जलापूर्ति हो पा रही है। 15 गांवों की पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हैं। जल संस्थान के अवर अभियंता एनपी चौहान का कहना है कि बेलासागर तालाब से प्रतिदिन दो एमएलडी पानी खर्च होता है।
तालाब में पानी कम होने से मई तक ही पानी मिलने की संभावना है। हाल ही में 11 करोड़ रुपये की लागत से फिल्टर प्लांट जल निगम ने बनवाया है। इसका किसानों को लाभ मिलेगा। क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को बदलने के बारे में जल निगम के सहायक अभियंता सुनील तिवारी का कहना है कि नई पाइप लाइन डालने के लिए कार्य योजना बनाकर शासन को भेजी है।