- परिवार रजिस्टर की नकल, पेंशन पत्रावली व अन्य कार्यों के लिए ग्रामीण परेशान
-पुराने सचिव का हुआ था तबादला, नए ने कार्य करने से इन्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
खरेला (महोबा)। ब्लॉक चरखारी के पांच गांवों में दो माह से सचिव की तैनाती नहीं हुई। पुराने सचिव के तबादले के बाद भेजे गए नए सचिव ने कार्यभार तो ग्रहण किया, लेकिन कुछ दिन बाद कार्य करने से इनकार करते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांग ली। क्षेत्र के विकास कार्य ठप पड़े हैं और सचिव न होने से परिवार रजिस्टर की नकल, पेंशन पत्रावली समेत अनेक कार्यों के लिए ग्रामीण परेशान हैं।
ब्लाॅक चरखारी के खरेला देहात न्याय पंचायत में शामिल ग्राम पंचायत खरेला देहात, बरदा, धवारी, बसौठ और पुन्निया में ग्राम पंचायत सचिव के रूप में आदित्य कुमार सिंह तैनात थे। दो माह पहले ब्लाॅक के सचिवों के क्लस्टर बदल दिए गए। इसमें आदित्य सिंह को बम्हौरीकलां क्षेत्र के गांवों में तैनाती मिली जबकि उनके स्थान पर खरेला देहात आदि गांवों के सचिव के रूप में सत्येंद्र भूषण की तैनाती की गई।
सत्येंद्र भूषण ने गांव आवंटन के बाद प्रभार तो ले लिया लेकिन कार्यों में रुचि नहीं दिखाई। गांवों के लोगों ने कार्यों के लिए पहुंचना शुरु किया तो सचिव सत्येंद्र भूषण ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन कर दिया। अभी तक प्रशासन स्तर पर वीआरएस आवेदन पर निर्णय नहीं हो सका है। इसलिए नए सचिव की तैनाती भी नहीं हो सकी है।
परथनिया निवासी इंदर ने बताया पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल चाहिए। इसके लिए दस दिनों से वह परेशान घूम रहा है। इसी तरह अन्य कई ग्रामीण भी परेशान हैं। धवारी प्रधान शिप्रा चौबे, खरेला देहात प्रधान अखिलेश वर्मा और बसौठ प्रधान ज्ञानचंद्र कुशवाहा आदि ने बताया सचिव की तैनाती न होने से विकास कार्य प्रभावित हैं।
तैनाती जल्द कराने के लिए बीडीओ से मांग की गई है। वहीं, जिला पंचायत राज अधिकारी चंद्र किशोर वर्मा का कहना है कि क्लस्टर में फेरबदल दौरान जिस सचिव की तैनाती हुई थी, उसने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है। उनसे संबंधी अभिलेख जिलाधिकारी कार्यालय भेजे गए हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए सचिव की तैनाती कराई जाएगी।