चरखारी (महोबा)। अमृत-2.0 योजना कार्यदायी संस्था की मनमानी की भेंट चढ़ रही है। जिन इलाकों में पानी की जरूरत है, वहां पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई।
जबकि जहां पाइपलाइन बिछाई गई वहां पुराने उपभोक्ताओं को नई लाइन से कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इससे पेयजल आपूर्ति की उम्मीद कर रहे लोगों में नाराजगी है।
अमृत-2.0 की शहरी पेयजल योजना से कस्बा चरखारी में 21 करोड़ व कस्बा खरेला में 24 करोड़ रुपये से पेयजल पुनर्गठन योजना प्रस्तावित है। रामप्रकाश, सुरेश, देवीदीन, मनमोहन, दीपक आदि ने बताया कि रूपनगर, सोहरयाव, रामनगर, ज्येंद्रनगर, नवादा, खंदिया के ऊपरी भाग में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन की व्यवस्था नहीं है।
इन वार्डाें में सबसे पहले पेयजल आपूर्ति देने की जरूरत है। वहीं, उन वार्डों में पाइपलाइन बिछाकर कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जहां पहले से पाइपलाइन बिछी है। आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने व टंकी के काम में भी मानक की अनदेखी की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की शिकायत की है।