कबरई (महोबा)। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत नगर पंचायत की ओर से कस्बे के विभिन्न वार्डों में स्थापित की गई पानी की टंकियों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब छह माह पहले लगभग दस लाख रुपये प्रति टंकी की लागत से पांच-पांच हजार लीटर क्षमता वाली दस टंकियों को स्थापित कराया गया लेकिन घटिया काम के चलते छह माह के अंदर ही टंकियां ध्वस्त होने लगी हैं। इससे नगरवासियों में नाराजगी है।
कस्बे के प्राचीन मराठी हनुमान मंदिर परिसर में बनाई गई पानी की टंकी महज छह माह के अंदर धराशायी हो गई। मंदिर के महंत आदर्श शरणदास ने बताया कि अगस्त 2024 में टंकी स्थापित की गई थी। टंकी रखने के लिए बनाया गया लोहे का फ्रेम बेहद कमजोर था, जिसकी वजह से वह स्वतः गिर गया और टंकी चकनाचूर हो गई। हादसे के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
नगर पंचायत के अवर अभियंता शिवचंद ने बताया कि काम के समय ठेकेदार को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी गई थी। मानकों के अनुरूप दोबारा टंकी निर्माण के लिए ठेकेदार को आदेशित किया गया है।