महोबा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के तहत अब स्नातक पाठ्यक्रम चार वर्ष का होगा। इसको लेकर विश्वविद्यालय की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह प्रावधान शिक्षण सत्र 2026-27 से लागू होगा।
जनपद के 23 निजी व चार राजकीय महाविद्यालय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने स्नातक चार वर्षीय पाठ्यक्रम लागू किए जाने के निर्देश जारी किए हैं। कहा कि विवि विद्या परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सत्र 2026-27 से संबद्ध कॉलेजों में चार वर्षीय बीए, बीएससी, बीकॉम और बीएससी (गृहविज्ञान) पाठ्यक्रम संचालित किया जाना है। तीन वर्ष के बाद महाविद्यालयों में उपलब्ध सीटों व प्रवेश के नियमों के सापेक्ष चतुर्थ वर्ष में प्रवेश शासनादेश के अनुसार दिया जाएगा। संबद्ध महाविद्यालयों की ओर से आवेदन करने पर नियमानुसार तीन वर्षीय पाठ्यक्रम को चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में उच्चीकृत करने की अनुमति दी जाएगी।
शहर के वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में बीए प्रथम सेमेस्टर में 648, बीएससी मैथ और बायो में 160-160 व बीकॉम में 80 सीटों पर प्रवेश होना है। वीरभूमि कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि स्नातक में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी जितने साल पढ़ाई करेंगे उनको उतने वर्ष की डिग्री और सर्टिफिकेट मिलेगा। स्नातक प्रथम वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर सार्टिफिकेट, दो वर्ष पर डिप्लोमा व तीन वर्ष पर स्नातक की डिग्री मिलेगी। तीन साल की स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों को चौथे साल में प्रमोट कर दिया जाएगा। चौथे साल में तीन विकल्प होंगे। इसमें छात्र स्नातक ऑनर्स, अप्रैंटिस अथवा रिसर्च में से कोई एक कर सकेंगे।